राजनीतिज्ञों और विश्लेषकों का कहना है, कि उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली एमवीए सरकार, शरद पवार की मर्ज़ी पर टिकी है, और इसकी वजह से उनकी एनसीपी के दिन पलट गए हैं.
योगी सरकार द्वारा लव जिहाद पर लाए गए अध्यादेश पर विरोध शुरू हो गया है. बीएसपी ने सरकार से इस अध्यादेश पर पुनर्विचार करने की मांग की जबकि इसके पहले समाजवादी पार्टी ने कहा कि इस तरह का कोई कानून उसे मंज़ूर नहीं है और इसका पुरजोर विरोध किया जायेगा.
इस पूरे मसले पर बीजेपी ने राज्य के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी विधायक दल के नेता के तौर पर अधिकृत किया है लेकिन मामला दल-बदल कानून के तहत फंसा हुआ है.
मायावती ने ट्वीट किया कि पूरे देश में किसान केंद्र सरकार द्वारा कृषि से संबंधित हाल में लागू किये गये तीन कानूनों को लेकर काफी नाराज हैं और इनके खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं.
सोनिया गांधी ने अपने शोक संदेश में उन्हें ‘अद्वितीय कॉमरेड और एक वफादार सहयोगी’ बताया. अहमद पटेल को शीर्ष नेतृत्व का पूरा भरोसा हासिल था और किसी भी मौके पर उनकी कही बातों को पूरा समर्थन मिलता था.
लोजपा के बिहार राजग से बाहर आकर अपने बलबूते बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के फैसले के साथ ही भाजपा ने इस सीट पर फिर से अपना दावा करने का निर्णय लिया था जो उसने अपने कोटे से पासवान को दी थी.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सब 1 दिसंबर को होने वाले जीएचएमसी चुनावों के लिए, रैलियों को संबोधित करेंगे.
जो भी सच में सच्चाई जानना चाहता है, वह आसानी से उन कई घटनाओं को देख सकता है—कश्मीर से लेकर लखनऊ तक, जहां भारतीय मुसलमान आतंकवादी हमलों के खिलाफ सबसे आगे खड़े होकर आवाज़ उठाते रहे हैं.