कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा कि वह 'जाल' में फंस गए थे. उन्होंने कांग्रेस नेता सिद्धारमैया पर षड़यंत्र का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने भी उन्हें इतना बड़ा 'धोखा' नहीं दिया.
कांग्रेस उम्मीदवार की इस जीत को भाजपा के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि 58 वर्ष से यह सीट भाजपा के खाते में थी. केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी कई वर्षों तक इस सीट का प्रतिनिधि कर चुके हैं.
भाजपा अब धर्मनिरपेक्ष पार्टी वाली छवि को लेकर शिवसेना के खिलाफ माहौल बनाकर महाराष्ट्र के हिंदूवादी वोट बैंक को अपने पाले में लाकर फिर संगठित होने की उम्मीदें लगाए बैठी है.
जो भी सच में सच्चाई जानना चाहता है, वह आसानी से उन कई घटनाओं को देख सकता है—कश्मीर से लेकर लखनऊ तक, जहां भारतीय मुसलमान आतंकवादी हमलों के खिलाफ सबसे आगे खड़े होकर आवाज़ उठाते रहे हैं.