पश्चिम बंगाल के प्रभारी जितिन प्रसाद ने दिप्रिंट को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि इन चुनावों में कांग्रेस का जोर ‘राज्य की आत्मा को बचाने’ पर है.
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने तीन अधिकारियों को सिंघु बॉर्डर भैजा है ताकि वो किसानों के बीच नरम धड़े से बात करे और मोदी सरकार द्वारा हाल में दी गई रियायतों को स्वीकार करने को कहे.
बाबरी मस्जिद ढहाने पहुंची भीड़ में शामिल रहे रामेश्वर शर्मा को भड़काऊ बयान देने के लिए जाना जाता है—चाहे वह ‘लव जिहाद’ को लेकर हो या फिर मध्य प्रदेश में हालिया सांप्रदायिक तनाव की वजह बनने वाली टिप्पणियां.
दिप्रिंट को दिए एक ख़ास इंटरव्यू में, सिद्दीक़ी ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया, कि वो ‘मुसलमानों का उत्थान नहीं बल्कि तुष्टिकरण कर रही हैं’, और ये भी कहा कि वो राज्य में ‘बीजेपी जैसी सांप्रदायिक ताक़त के, घुसने का रास्ता साफ कर रही हैं’.
राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘सर्दी की भीषण बारिश में टेंट की टपकती छत के नीचे जो बैठे हैं सिकुड़-ठिठुर कर, वो निडर किसान अपने ही हैं, ग़ैर नहीं. सरकार की क्रूरता के दृश्यों में अब कुछ और देखने को शेष नहीं.’
भाजपा नेताओं का कहना है कि आलाकमान बिहार और कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया इसलिए तेज नहीं कर रहा क्योंकि इन राज्यों में हाल-फिलहाल में कोई चुनाव नहीं है.
मोदी सरकार अरविंद केजरीवाल के साथ जो कर रही है, वह गलत है. लेकिन क्या मोदी सरकार कभी अस्तित्व में आती, अगर केजरीवाल और उनके 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन ने UPA को तबाह न किया होता?
इस्लामाबाद, 30 अप्रैल (भाषा) पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने बृहस्पतिवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुए विरोध प्रदर्शनों को 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया और भारत...