बाबरी मस्जिद ढहाने पहुंची भीड़ में शामिल रहे रामेश्वर शर्मा को भड़काऊ बयान देने के लिए जाना जाता है—चाहे वह ‘लव जिहाद’ को लेकर हो या फिर मध्य प्रदेश में हालिया सांप्रदायिक तनाव की वजह बनने वाली टिप्पणियां.
दिप्रिंट को दिए एक ख़ास इंटरव्यू में, सिद्दीक़ी ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया, कि वो ‘मुसलमानों का उत्थान नहीं बल्कि तुष्टिकरण कर रही हैं’, और ये भी कहा कि वो राज्य में ‘बीजेपी जैसी सांप्रदायिक ताक़त के, घुसने का रास्ता साफ कर रही हैं’.
राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘सर्दी की भीषण बारिश में टेंट की टपकती छत के नीचे जो बैठे हैं सिकुड़-ठिठुर कर, वो निडर किसान अपने ही हैं, ग़ैर नहीं. सरकार की क्रूरता के दृश्यों में अब कुछ और देखने को शेष नहीं.’
भाजपा नेताओं का कहना है कि आलाकमान बिहार और कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया इसलिए तेज नहीं कर रहा क्योंकि इन राज्यों में हाल-फिलहाल में कोई चुनाव नहीं है.
उनका यह बयान, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए धन जुटाने की खातिर हिंदू संगठनों की वाहन रैलियों पर पश्चिमी मध्य प्रदेश में हाल ही में हुई पथराव की घटना के बाद आया है.
जो भी सच में सच्चाई जानना चाहता है, वह आसानी से उन कई घटनाओं को देख सकता है—कश्मीर से लेकर लखनऊ तक, जहां भारतीय मुसलमान आतंकवादी हमलों के खिलाफ सबसे आगे खड़े होकर आवाज़ उठाते रहे हैं.