इस 24 पन्नों वाली पुस्तिका में भाजपा पर भी निशाना साधा गया है खासकर कोविड के मामले में, साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की बहुजन समाज पार्टी के संबंध में भी बातें लिखी गयी हैं.
नारायण राणे ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1970 के दशक में शिवसेना के साथ की थी, 2005 में पार्टी छोड़ दी और अंततः भाजपा में शामिल होने से पहले कुछ समय के लिए कांग्रेस का भी हाथ थामा. उन्हें कभी कोंकण के एक ताकतवर नेता के तौर पर जाना जाता था.
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के घोर लापरवाही के पीछे नरेंद्र मोदी की गैरजिम्मेदारी और उनका ध्यान हमारे देश के लोगों के बजाय पश्चिम बंगाल चुनावों पर था.
पंजाब एआईसीसी चीफ हरीश रावत ने कहा, 'साढ़े चार साल निकल चुके हैं और ये अच्छे थे. लेकिन हमें इस बात पर विचार करना है कि अचानक क्या हुआ कि बड़ी संख्या में विधायक इतने परेशान हैं. हम देखेंगे और इसका समाधान ढूंढेंगे.'
सचिन पायलट ने कहा कि भाजपा ऐसे समय में लोगों से क्या 'आशीर्वाद' मांग रही है जब पेट्रोल और डीजल की कीमतें 100 रुपये के पार हो गई हैं, रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 800 रुपये से अधिक हो गई है
कोरोना महामारी को देखते हुए पंचायत चुनाव में मतदाताओं को हैंड ग्लब्स दिए जाएंगे. ग्लब्स पहनकर ही वोटर इवीएम का उपयोग कर सकेंगे यही नहीं मतदान केंद्रों पर सैनिटाइजर और मास्क भी उपलब्ध होंगे.