पदयात्राएं आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में कोई नई धारणा नहीं हैं. स्वर्गीय आंध्र सीएम वाईएस राजखेशर रेड्डी राज्य के पहले नेताओं में थे, जो पदयात्रा पर निकले थे.
8 विधायक और पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल के 2 क़रीबी सहयोगी, अपने प्रबंधन और संगठन कौशल के लिए जाने जाते हैं, और उन्हें अलग अलग सूबों में प्रदेश या चुनाव प्रभारी बनाया गया है.
सिलसिलेवार ट्वीट्स में भाजपा नेता ने शराब की डिलीवरी रोकने और ऐसी जगहों पर दुकानें बंद करने की मांग की, जहां लोग इनका विरोध करते हैं. शुक्रवार से नई उत्पाद नीति प्रभावी हो गई, जिसमें शराब की दरें घटाई गई हैं.
बुराड़ी में आयोजित महापंचायत में हरिद्वार धर्म संसद में हेट स्पीच के आरोपी यति नरसिंहानंद ने हिंदुओं को 'हथियार उठाने' और भारत को एक मुस्लिम पीएम मिलने से रोकने के लिए कहा.
हेमंत सोरेन के लिए भी इतना आसान नहीं होगा क्योंकि ये विधायक उन्हीं मुद्दों पर अपने सरकार को घेर रहे हैं, जिन मुद्दों को लेकर जेएमएम चुनाव के वक्त जनता के बीच गई थी.
सुनील ओझा ने 2007 में भाजपा छोड़ दी थी. लेकिन साल 2011 में वह फिर से पार्टी में शामिल हो गए. प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें 2014 में अपनी सीट वाराणसी की जिम्मेदारी देने के लिए चुना था। तब से वह परदे के पीछे रहकर काम करते आए हैं और अपनी चतुराई के लिए जाने जाते हैं.
अनंत पटेल और हार्दिक पटेल कांग्रेस के सदस्य हैं, जबकि जिग्नेश मेवाणी निर्दलीय उम्मीदवार हैं, जो कांग्रेस पार्टी का समर्थन कर रहे हैं. गुजरात में कांग्रेस 1995 से सत्ता से बाहर है.
ठाकरे ने यहां पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, 'मैं नमाज के खिलाफ नहीं हूं, आप अपने घर पर नमाज पढ़ सकते हैं, लेकिन सरकार को मस्जिद के लाउडस्पीकर हटाने पर फैसला लेना चाहिए. मैं अभी चेतावनी दे रहा हूं... लाउडस्पीकर हटाओ वरना लाउडस्पीकर लगा देंगे.'
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?