दिल्ली नगर निगम को साल 2012 में तत्कालीन शीला दीक्षित सरकार द्वारा तीन भागों में बांट दिया गया था. राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक ऐसा दिल्ली नगर निगम में बीजेपी की पैठ को कमजोर करने के लिए किया गया था
कांग्रेस ने 1984 के चुनाव में 82 फीसदी सीटों पर जीत दर्ज की थी. वर्ष 2019 में वह महज 12 फीसदी सीटों पर जीत दर्ज कर सकी और 88 फीसदी सीटें हार गई. कई सीटें जो कांग्रेस का गढ़ मानी जाती थीं, इस लंबे समयावधि में वहां भी पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा. इसके संभावित कारणों में एक वजह कई क्षेत्रीय पार्टियों का उदय भी है.
सावंत ने 2019 में अपनी काबिलियत और मनोहर पर्रिकर के कद के साथ तुलना को लेकर तमाम संदेहों के बीच राज्य की बागडोर संभाली थी, लेकिन उन्होंने इस बार न केवल भाजपा को चुनावों में जीत दिलाई, बल्कि सोमवार को विधायक दल के नेता भी चुन लिए गए.
पार्टी ने एक बयान में नौ राज्यों के लिए नियुक्त नए पदाधिकारियों के नाम जारी करते हुए कहा, 'आने वाले दिनों में' पार्टी अन्य राज्यों के लिए अपने पदाधिकारियों के नामों की 'जल्द' घोषणा करेगी.
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और गोवा के लिए भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक ने कहा कि प्रमोद सावंत को विधायक दल का नेता चुना गया है. मैं अपनी ओर से और पार्टी की ओर से प्रमोद सावंत जी को बहुत-बहुत बधाई देता हूं.
गुरमीत सिंह हायर को शिक्षा मंत्री बनाया गया है वहीं विजय सिंगला स्वास्थ्य मंत्रालय का जिम्मा संभालेंगे. हरजोत सिंह बेंस को कानून एवं पर्यटन मंत्रालय का जिम्मा दिया गया है.