आजादी के संघर्ष का हिस्सा होने से लेकर, बाद में ये अख़बार इंदिरा गांधी के मुखपत्र के तौर जाना जाने लगा. खासकर राहुल और सेनिया की ED जांच के बाद, अब ये अपने खिलाफ केस को लेकर खबरों में है.
राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘सच्चाई को बैरिकेड नहीं किया जा सकता. कर लें जो करना है, मैं प्रधानमंत्री से नहीं डरता, मैं हमेशा देश हित में काम करता रहूंगा. सुन लो और समझ लो!’
बसपा प्रमुख मायावती ने ऐसे कई फैसले लिए हैं जो समाजवादी पार्टी को कमजोर करने वाले और लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा का भरोसा हासिल करने की दोतरफा रणनीति अपनाने का संकेत देते हैं.
आरएसएस के एक पदाधिकारी ने कहा कि संगठन दबाव में फैसला नहीं लेता है, जबकि भाजपा ने 'तिरंगा' बाइक रैली में भाग नहीं लेने के लिए विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्हें ही सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया.
कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ईडी की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि 05 अगस्त को वो महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ पीएम आवास के सामने विरोध प्रदर्शन करेंगे.
6 अगस्त को उपराष्ट्रपति पद का चुनाव होना है. एनडीए ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे जगदीप धनखड़ को उम्मीदवार बनाया है वहीं विपक्षी दलों ने पूर्व राज्यपाल मार्गरेट अल्वा को उम्मीदवार के तौर पर उतारा है.
सेब उत्पादकों ने विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने की धमकी दी है. उनकी मांगों में आयातित सेब पर 100 फीसदी शुल्क वृद्धि, उपज के लिए एमएसपी और राज्य एजेंसियों की ओर से बकाया राशि जारी करना शामिल है.
पूर्व मराठी पत्रकार 1980 के दशक में सेना से जुड़ गए थे, और एक समय राज ठाकरे के क़रीबी थे. अपनी ज़बर्दस्त तरक़्क़ी के चलते उन्होंने बहुत से दुश्मन बना लिए, जिनमें कुछ पार्टी के अंदर भी थे.