Wednesday, 5 October, 2022
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नीतीश कुमार ने कहा- ‘BJP ने चुनाव में JDU के नेताओं को हराया’, तेजस्वी सोनिया गांधी से करेंगे मुलाकात

सीएम नीतीश ने आगे कहा कि जेडीयू के कई नेताओं की इच्छा थी कि एनडीए से नाता तोड़ दिया जाए. उन्होंने आरसीपी सिंह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने बहुत गड़बड़ की है.

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नई दिल्ली: शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन तोड़ने पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरोप लगाया कि साल 2020 के विधानसभा चुनावों में जेडीयू के जीतने वाले नेताओं ने कहा था कि उन्हें बीजेपी का कोई समर्थन नहीं मिला. वहीं चुनाव में हारने वाले नेताओं ने बताया था कि उन्हें बीजेपी ने हराया है.

सीएम नीतीश ने आगे कहा कि जेडीयू के कई नेताओं की इच्छा थी कि एनडीए से नाता तोड़ दिया जाए. उन्होंने आरसीपी सिंह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने बहुत गड़बड़ की है. उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में बिहार के सांसदों को कोई पद नहीं देने के लिए बीजेपी पर हमला बोला है.

सीएम नीतीश ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘केंद्र में बिहार के कितने लोगों को मंत्री बनाया गया? हमने उनसे कहा कि हमारे लोगों को भी मंत्री बनाएं, अगर आप हम में से 4 मंत्रियों में से एक मंत्री नहीं बनाते हैं, तो यह ठीक नहीं है. उन्होंने नहीं किया. जब आरसीपी सिंह बनें तो मैंने उन्हें (पार्टी) मुख्य पद छोड़ने के लिए कहा.’

पीएम उम्मीदवार बनने की अटकलों पर बात करते हुए नीतीश ने कहा कि उनकी ऐसी कोई महत्वाकांक्षा नहीं है. नीतीश ने अपना रुख को दोहराते कि कहा उनकी कोई प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा नहीं है लेकिन मैं केंद्र में एनडीए के खिलाफ विपक्षी एकता बनाने में ‘सकारात्मक’ भूमिका निभाने की उम्मीद कर रहा हूं.

गौरलतब है कि सीएम नीतीश ने बीजेपी का दामन छोड़कर वापस महागठबंधन के साथ मिलकर बिहार की सत्ता में वापसी की है.

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महागठबंधन सरकार को बिहार विधानसभा में 24 अगस्त को बहुमत साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट का सामना करना है.


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तेजस्वी और सोनिया की मुलाकात

इस बीच बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव शुक्रवार को दिल्ली में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करने पहुंचे हैं. तेजस्वी और सोनिया की यह मुलाकात फ्लोर टेस्ट से पहले हो रही है. तेजस्वी की सोनिया के साथ बिहार की सत्ता में वापस लौटने के बाद पहली मीटिंग है.

तेजस्वी गुरुवार शाम को रक्षा बंधन के मौके पर दिल्ली पहुंचे हैं. वो आरजेडी के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से भी मिलेंगे और उनसे बिहार में राजनीतिक स्थिति के बारे में चर्चा करेंगे.

तेजस्वी ने गुरुवार को महागठबंधन के साथ नीतीश कुमार के जद (यू) के हालिया गठजोड़ को ‘स्वाभाविक गठबंधन’ बताते हुए कहा कि यह कोई ‘सौदा नहीं’ नहीं है. उन्होंने दावा किया कि बिहार एक महीने के भीतर सबसे बड़ा सरकारी नौकरी देने वाला राज्य होगा.

दिल्ली में प्रेस से बात करते हुए तेजस्वी ने कहा, ‘यह स्वाभाविक गठबंधन है और यह कोई डील नहीं है.’ यह वास्तविक महागठबंधन है जिसे लालू जी और नीतीश जी ने बनाया था. हम नीतीश के सभी के साथ आने के फैसले का स्वागत करते हैं.’

राज्य के युवाओं को रोजगार देने के अपने वादों को पूरा करने की समयसीमा के बारे में बात करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि यह विधानसभा में विश्वास मत के बाद ही किया जाएगा.

उन्होंने कहा,’हम बीजेपी जैसी राजनीति नहीं करते हैं कि हम नेताओं को धमकाएंगे और खरीद लेंगे. हम नौकरियां देंगे, विश्वास मत खत्म होने दें. हम इस मुद्दे पर बहुत गंभीर हैं. एक महीने के भीतर, आप देखेंगे कि बिहार सरकारी नौकरियों में सबसे बड़ा नौकरी देने वाला राज्य होगा.’

इस बीच, बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली नई महागठबंधन सरकार राज्य विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 24 अगस्त को शक्ति परीक्षण करेगी.

नीतीश कुमार ने सीएम पद से इस्तीफा देने और बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को छोड़ने के बाद बुधवार को रिकॉर्ड आठवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. वहीं, तेजस्वी यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है.


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