पिछले महीने छत्तीसगढ़ में कथित धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप में केरल की दो ननों की गिरफ़्तारी के बाद पार्टी मुश्किल में पड़ गई थी. बाद में ज़मानत मिलने पर ननों को रिहा कर दिया गया.
मंगलवार को पारित विधेयक में जबरन और धोखाधड़ी से किए गए धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए आजीवन कारावास और संपत्तियों को ध्वस्त करने का प्रावधान भी शामिल है. इसमें ‘घर वापसी’ को इन प्रावधानों से बाहर रखा गया है.
घटनाक्रम से वाकिफ लोगों के अनुसार, डॉ. आरती कृष्णा को ‘हाईकमान्ड उम्मीदवार’ माना जा रहा है. अन्य नामित सदस्य हैं एफ.एच. जक्कप्पनवर, शिवकुमार के और रमेश बाबू.
56वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी दरों को 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत दो स्लैब में तय करने का फैसला हुआ, जिसमें 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत की दरों को मिला दिया गया.
हालांकि इस कवायद से राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है, लेकिन आम धारणा यही है कि नाम हटाए जाने से विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं के मतदाता प्रभावित हुए हैं. 'वोट चोरी' अभियान का जमीनी स्तर पर कोई असर नहीं है.
अनुभवी विधायक ने 10 दिन की समय सीमा तय की थी और पार्टी नेतृत्व से आग्रह किया था कि वे 2026 के तमिलनाडु चुनावों के लिए पार्टी को मजबूत बनाने के लिए सभी अलग-थलग नेताओं को एक साथ लाएं.
उनके भतीजे आकाश आनंद, जो अब बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक हैं, के ससुर सिद्धार्थ को फरवरी में 'पार्टी विरोधी गतिविधियों' के आरोप में पार्टी से निकाल दिया गया था. 'एक्स' पर उन्होंने अपनी गलती 'कभी न दोहराने' का वादा किया.
जालंधर/नयी दिल्ली, 15 अप्रैल (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल से जुड़े व्यावसायिक संस्थानों...