जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री का कहना है कि चुनावों से दूर रहने की बात कहना उनकी पार्टी की एक 'गलती' थी, जिससे उन्होंने सबक लिया है. इसलिए आज वह सभी पार्टियों से चुनावी मैदान में उतरने के लिए कह रहे हैं, भले ही राज्य का दर्जा बहाल न किया गया हो.
एक पूर्व पुलिसकर्मी इटालिया ने पाटीदार आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. वह मंत्री पर जूता फेंकने के लिए 2017 में सरकारी नौकरी से बर्खास्त कर दिए गए. 2020 में आप में शामिल हुए और जल्द ही गुजरात इकाई के प्रमुख बन गए.
ठाकरे गुट ने यह भी आरोप लगाया कि आयोग ने चुनाव चिन्ह और पार्टी के नामों को वरीयता देते हुए अपने पत्र को चुनाव प्राधिकरण की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया था, जिससे यह प्रतिद्वंद्वी गुट सहित सभी के लिए उपलब्ध हो गया.
गोपाल इटालिया ने ट्वीट किया है है, 'बीजेपी पाटीदार समाज से नफरत करती है. मैं सरदार पटेल का वंशज हूं. तुम्हारी जेलों से नहीं डरता. डाल दो मुझे जेल में.'
पूर्व चुनाव रणनीतिकार ने पहले स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुना और फिर उनसे अपने बीच से 'सही नेता' चुनने के लिए कहा. कुछ लोग उन्हें नहीं जानते थे, लेकिन उन्होंने माना कि उनके भाषण 'समझ में आ रहे हैं.'
इस महीने की शुरुआत में हुई पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक के दौरान इस मामले पर विस्तार से चर्चा हुई. भाजपा की योजना 'सूक्ष्म-स्तरीय समन्वय' को बढ़ाने और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंचने की है.
राजेंद्र पाल गौतम ने भाजपा पर अंबेडकर से जुड़े ‘नियमित’ कार्यक्रम को लेकर 'गंदी राजनीति' करने का आरोप लगाया और कहा कि गुजरात चुनाव जीतना अब आप की सबसे बड़ी चुनौती है.
लालू या तेजस्वी को पार्टी के नाम बदलने पर अंतिम फैसला लेने के अधिकार देने वाले प्रस्ताव को संभावित विलय के लिए मंच तैयार करने के रूप में देखा जा रहा है, जहां तेजस्वी बिहार में बागडोर संभालेंगे जबकि मुख्यमंत्री नीतीश राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका निभाने के लिए आगे आएंगे.