ऊंझा और मानसा क्रमशः पीएम मोदी और अमित शाह का गृह नगर है और यह हमेशा से बीजेपी के लिए नाक का सवाल रहा है. पहले बार के कैंडीडेट कीर्तिकुमार ने ऊंझा से 51 हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की है.
गुजरात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल ने कहा, ‘गुजरात की जनता समझती है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ही विकास कार्य कर सकती है. गुजरात की जनता को बहुत बहुत धन्यवाद.'
अगर रुझान जारी रहा तो बीटीपी प्रमुख छोटूभाई वसावा अपना गढ़ खो देंगे, जहां से वह लगातार 7 बार चुनाव जीत चुके हैं. बेटे से अनबन के चलते वह इस बार निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं.
कांतिलाल अमृतिया पांच बार विधायक रहे हैं और उन्होंने 1995 से 2017 के बीच मोरबी सीट से हर चुनाव जीता था. पुल हादसे के बाद बीजेपी ने अपने मौजूदा विधायक बृजेश मेरजा की बजाय उन्हें टिकट देने का फैसला किया था.
चुनाव आयोग द्वारा दोपहर 12.50 बजे तक के ताजा रुझानों के अनुसार, गढ़वी को 30.23 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 35,785 वोट मिले हैं, जबकि भाजपा उम्मीदवार हरदासभाई बेरा को 41.28 प्रतिशत वोट के साथ 48,862 वोट मिले हैं.
बिलकिस बानो के बलात्कार के दोषियों की रिहाई, सीएए विरोधी प्रदर्शन, दिल्ली दंगों जैसे मुद्दों पर सीएम केजरीवाल का मौन और देर सी दी गई प्रतिक्रिया से लोगों का मोहभंग हो गया है.
रवींद्र जडेजा की पत्नी रीवाबा जडेजा जीत की ओर बढ़ रही हैं. वहीं, आम आदमी पार्टी के करसन करमूर 19,047 मतों के साथ दूसरे और कांग्रेस के बिपेंद्रसिंह जडेजा 12,397 मतों के साथ तीसरे स्थान पर हैं.
उत्तर प्रदेश की रामपुर विधानसभा सीट से आजम खान के करीबी और सपा प्रत्याशी आसिम रजा 3848 वोट से आगे चल रहे हैं जबकि बिहार के कुढ़नी विधानसभा सीट से कांटे की टक्कर के बीच बीजेपी दोबारा आगे हो गई है.
आज निरंतर बदलती विश्व व्यवस्था भारत के लिए एक मौका उपलब्ध करा रही है जिसका लाभ उठाने के लिए उसे खुद को अनुशासित रखना होगा ताकि पाकिस्तान जब अपने लिए मौका देख रहा है तब हम हड़बड़ी में कोई प्रतिक्रिया न कर बैठें.