कांग्रेस के भवानी सिंह पठानिया ने जहां 33,238 वोटों से जीत हासिल की, वहीं बीजेपी के राकेश पठानिया दूसरे नंबर पर रहे और इनकी तुलना में परमार को महज 2,811 वोट मिले हैं.
अब तक भाजपा आदिवासी बेल्ट में संघर्ष करती रही है, जिसमें कुल मिलाकर 27 सीटें हैं. 2017 में सत्तारूढ़ पार्टी को यहां 9 सीटें मिली थीं और इस बार वो पहले ही 20 पर आगे है जबकि कांग्रेस तीन सीटें हासिल करती दिख रही है.
पदमपुर में बीजेडी 38,252 वोटों से आगे चल रही है. अगर यही रुझान बना रहा तो, यह जीत उस पार्टी के लिए राहत के रूप में आएगी, जिसने पिछले महीने 2009 के बाद पहली बार उपचुनाव में हार का सामना किया था, तब बीजेपी ने धामनगर में जीत हासिल की थी.
आकाश सक्सेना ने सपा प्रत्याशी आसिम रजा को 33,702 वोटों से हराया है. सक्सेना को 80,964 वोट मिले हैं जबकि सपा प्रत्याशी आसिम रजा को 47,262 वोट प्राप्त हुए हैं.
कभी राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले ठाकोर और पटेल ने भाजपा के टिकट पर गुजरात का यह विधानसभा चुनाव लड़ा था, वहीं मेवाणी, जो साल 2017 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीते थे, अब कांग्रेस के साथ हैं.
मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में सपा उम्मीदवार डिंपल यादव की जीत लगभग तय होने के बाद सैफई पहुंचे अखिलेश ने शिवपाल को सपा का झंडा प्रदान किया. सपा और शिवपाल ने ट्विटर हैंडल पर तस्वीर साझा की.
हिमाचल प्रदेश के निवर्तमान सीएम जयराम ठाकुर ने विधानसभा चुनाव में मिली हार को स्वीकार किया है. कांग्रेस का कहना है कि राज्य में हमारी सरकार बनेगी वह बनती दिखाई दे रही है.
आज निरंतर बदलती विश्व व्यवस्था भारत के लिए एक मौका उपलब्ध करा रही है जिसका लाभ उठाने के लिए उसे खुद को अनुशासित रखना होगा ताकि पाकिस्तान जब अपने लिए मौका देख रहा है तब हम हड़बड़ी में कोई प्रतिक्रिया न कर बैठें.