नई संसद में शुरू हुए विशेष सत्र के दौरान आज महिला आरक्षण बिल पेश किया गया. इसको लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच गरमा-गरमी हुई. कांग्रेस ने जहां इसे अपना बताया तो अमित शाह ने इसे उनकी सरकार द्वारा लाया गया बताया.
विशेष सत्र के दूसरे दिन प्रधानमंत्री सहित सभी सांसद पुराने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में अंतिम बार बैठे. इस दौरान वक्ताओं ने संसद भवन और खासकर सेंट्रल हॉल के इतिहास पर प्रकाश डाला.
विश्लेषकों का कहना है कि कम अंतर वाली सीटें आमतौर पर राज्य स्तर पर विजेता और हारने वाले का फैसला करती हैं. सत्तारूढ़ भाजपा और प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि उन सीटों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जहां करीबी मुकाबला है.
केन्द्रीय राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा कि मंत्रिमंडल ने महिला आरक्षण विधेयक को मंजूरी दे दी है, लेकिन उन्होंने एक घंटे के भीतर ही अपना यह पोस्ट सोशल मीडिया ‘एक्स’ से हटा दिया था.
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान लोगों को दिए गए सूचना के अधिकार कानून, खाद्य सुरक्षा, मनरेगा का कोई जिक्र नहीं किया."
BJP चाहती है कि 17 सितंबर, 1948 को ' हैदराबाद मुक्ति दिवस' के रूप में मनाई जाए, जबकि सत्तारूढ़ BRS इसे 'एकीकरण दिवस' कहती है. इसी दिन तत्कालीन हैदराबाद रियासत भारत का हिस्सा बनी थी.
कांग्रेस सांसद ने कहा, चंद्रयान को लेकर चर्चा चल रही थी, मैं कहना चाहता हूं कि 1946 में जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में परमाणु अनुसंधान समिति का गठन किया गया था. वहीं से हम आगे बढ़े और 1964 में इसरो का विकास किया.
मोदी सरकार अरविंद केजरीवाल के साथ जो कर रही है, वह गलत है. लेकिन क्या मोदी सरकार कभी अस्तित्व में आती, अगर केजरीवाल और उनके 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन ने UPA को तबाह न किया होता?
इस्लामाबाद, 30 अप्रैल (भाषा) पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने बृहस्पतिवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुए विरोध प्रदर्शनों को 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया और भारत...