पीएम मोदी ने चुनावों का ज़िक्र नहीं किया, लेकिन उन्होंने बड़े पैमाने पर मुस्लिम समुदाय तक पहुंच बनाई और हज़रतबल परियोजना के उद्घाटन के जरिए विश्व को एक संकेत भेजा.
दरअसल बीजेपी जब तमिलनाडु में जमीन तलाशने की कोशिश करती है, तो उसके पास अपना बना कोई ऐसा मॉडल नहीं है जो द्रविड़ विचारधारा पर चलने वाले तमिलनाडु से ज्यादा चमकदार हो.
‘माइलेज’ वाले नेता मानते हैं कि वे उम्र आदि की सीमाओं से ऊपर हैं, मसलन शी जिनपिंग, बाइडन, ट्रंप, एर्दोगन या पुतिन को ही देख लीजिए. तो फिर मोदी 75 की उम्र के बाद भी प्रधानमंत्री क्यों नहीं बने रह सकते?
हम ऐसे युग में रहते हैं जब पूरा देश विधायी और कार्यकारी शाखाओं पर नियंत्रण रखने के लिए न्यायपालिका की ओर देखता है. क्या हमें राजनीतिक दलों को न्यायाधीशों को अपने पक्ष में करने की अनुमति देनी चाहिए?
96 करोड़ से अधिक मतदाता, जिनमें से 47 करोड़ महिलाएं हैं, जल्द ही 28 राज्यों और नौ केंद्र शासित प्रदेशों में 15 लाख अधिकारियों की देखरेख में 12 लाख बूथों पर बहु-चरणीय चुनाव में अपने मतपत्र डालकर 543 लोकसभा सांसदों का चुनाव करेंगे.
मोदी-शैली की राजनीति में ईडी, राज्यपाल, रिटर्निंग अधिकारी, संक्षेप में राज्य के लगभग सभी संस्थानों को राजनीतिक विरोधियों के लिए जीवन को असंभव बनाने के लिए सेवा में लगाया जाता है.