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Monday, 2 March, 2026
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ताज़ा बजट पर मध्यम वर्ग का गुस्सा किसी रुठे हुए प्रेमी की तरह है, यह लंबा नहीं चलेगा

मोदी सरकार ने इस बजट और इसके संकेतों में जो गलती की है, वह यह है कि वह अपने आम तौर पर आशावादी संदेश, ‘भारत उन्नति कर रहा है, विकास और तेज होगा, बाजार बहुत गर्म हैं’ से दूर चली गई है.

बजट काफी जटिल संदेश देता है, यह दिखाता है कि बीजेपी को ‘BASE’ पसंद है

इस बजट की कोई कमजोरी है तो यह कि वह कोई आर्थिक संदेश नहीं दे रहा है. आर्थिक सुधारों पर कोई बड़ा बयान नहीं; निजीकरण, विनिवेश का कोई जिक्र नहीं; न करों में कोई बड़ी छूट, प्रोत्साहनों और विनियमन को लेकर कोई कदम नही.

जो युद्ध भारत के मतलब का नहीं उसमें शामिल होने का दबाव डालने का किसी को हक़ नहीं 

अमेरिका भारत की चिंताओं को दूर करे और भारत पर उंगली उठाने से पहले उन उपदेशों पर खुद अमल करे जो वह दूसरों को देता है. रणनीतिक स्वायत्तता कई कारणों से भारत के हित में है

अग्निपथ योजना को फुटबॉल का खेल बनने से बचाएं, प्रस्तावित सेवा अवधि पर सर्वसम्मति ज़रूरी

‘सीडीएस’ और तीनों सेनाध्यक्ष तत्काल और बड़ा कदम यह उठा सकते हैं कि वह सेवा अवधि की लंबाई के बारे में एक फैसला करें. इसके लिए चार साल की सेवा अवधि खत्म होने का इंतजार करने की ज़रूरत नहीं है.

राहुल गांधी कांग्रेस में जान फूंक सकते हैं, लेकिन उन्हें दशकों से बनी राजनीतिक छवि से बाहर आना होगा

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की 99 सीटों पर जीत ने दो दशकों से राहुल गांधी को परेशान कर रहे तीन नुकीले सवालों की धार खत्म तो कर दी है मगर उनके अब तक के सियासी सफर पर भी गौर करना ज़रूरी है.

पूजा खेडकर ने वही किया जिसे भारतीय समाज सहजता से स्वीकार करता है — भ्रष्टाचार को आकांक्षा मानना

भ्रष्टाचार भारतीय समाज में मौजूद है और पनपता है क्योंकि इसे अक्सर सामाजिक रूप से स्वीकार किया जाता है और कुछ मामलों में इसे आकांक्षा के रूप में भी देखा जाता है.

AIADMK गौंडर-थेवर संगठनों में सिमट गई है, यह एकजुटता का वक्त है, नहीं तो विभाजन दूर नहीं

2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव AIADMK के लिए चुनौती बने हुए हैं. अगर MGR के वफादारों की अध्यक्षता वाली ‘शांति समिति’ सफल नहीं होती है, तो एक और विभाजन हो सकता है.

बिहार में सोशल इंजीनियरिंग और विकास के ढहते पुल-पुलिया

इस तरह राजनीति के जातिकरण ने जातियों के राजनीतिकरण की प्रगतिशीलता को कुंद करके उसे सिर के बल खड़ा कर दिया है. फलस्वरूप बिहार पूरी तरह प्रतिगामी राजनीति और जातिगत संकीर्णता में फंसकर प्रगति के मार्ग से भटक गया है.

मोदी के लिए ‘जय जवान, जय किसान’ का फंदा, पुनर्जीवित विपक्ष के साथ 5 साल का टेस्ट मैच

मोदी की इस सरकार को भारी चुनौतियों का मुकाबला उस संपूर्ण सत्ता (जिसकी वह आदी हो चुकी थी) के बिना और एक-के-बाद-एक चुनावी चुनौतियों के बीच करना पड़ेगा.

SC के फैसले ने मुस्लिम महिलाओं को तलाक की अर्ज़ी डालने का अधिकार दिया, लेकिन कितनी महिलाएं ऐसा करेंगी

जब तक हम मूल कारण, जो कि व्यक्तिगत नागरिक संहिता है पर बात नहीं करेंगे, मुस्लिम महिलाओं को न्याय नहीं मिल पाएगा.

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होली आपसी सद्भाव, प्रेम और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वांत रंजन

लखनऊ, एक मार्च (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने रविवार को कहा कि होली केवल रंगों का...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.