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Tuesday, 10 March, 2026
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नॉर्थकोरियन मीडिया की मुख्य फेक न्यूज — टुकड़े-टुकड़े गैंग

हमारे ध्रुवीकरण के समय, #टुकडेटुकडेगैंग #नॉर्थकोरियन मीडिया के साथ रण क्षेत्र में है।

आरक्षण आईएएस अफसरों की गुणवत्ता को नहीं करता कम – अमरीकी विद्वानों का मत

अध्ययन से प्राप्त निष्कर्षों में महत्वपूर्ण नीतिगत प्रभाव यह सुझाव देते हैं कि अपने प्रदर्शन से समझौता किए बिना ही नौकरशाह विविधता प्राप्त कर सकते हैं।

ट्रम्प का वीज़ा कंट्रोल कुशल एनआरआई को वापस भारत आने के लिए नहीं करेगा मजबूर; वजह-भारत की जर्जरता

जब विश्व के कुशल और सिद्धहस्त लोग निर्णय लेते हैं कि किस देश में जाना है, भारत वो देश नहीं है जो दिमाग में आए। इसलिए अच्छी खासी संख्या में कुशल अप्रवासी भारतीयों के वापस आने की उम्मीद तो बिलकुल मत कीजिए।

अच्छा पोषण चाहते हैं? पेश है स्वास्थ्य मंत्रालय की यह मांसाहारी और मोटापे पर शर्मिंदगी भरी सलाह

मंत्रालय द्वारा, कुछ ज्यादा ही स्वनिर्णयात्मक अवलोकन करते हुए, ट्वीट्स की एक श्रंखला पोस्ट की गई, कि यह कैसे सुनिश्चित हो कि आप पौष्टिक भोजन का उपभोग करते हैं या नहीं।

मृत्युदंड का अध्यादेश ‘लॉलीपॉप राजनीति’ का एक और उदाहरण है

नया राजनीतिक सूत्र है, यदि आप शिकायत का निवारण नहीं कर सकते हैं, तो रक्त की प्यास को शांत करें| यदि आप समस्या को हल नहीं कर सकते हैं, तो एक और कानून के साथ लोगों को बेवक़ूफ़ बनाओ

पतंजलि की जबरदस्त सफलता का राज़ : नई पीढ़ी के भारतीय युवा

नई पीढ़ी के युवा भारतीय इस हिप्सटर सबकल्चर (स्थापित संस्कृति) को खूब गले लगा रहे हैं और जितना कि इस संस्कृति से पतंजलि को...

नेहरू की जगह यदि मोदी भारत के पहले पीएम होते तो भारत मूर्खता विज्ञान का गढ़ बन जाता

नरेन्द्र मोदी और उनके साथियों द्वारा नेहरू के भारत को कितना बर्बाद किया जाएगा और कितनी बर्बादियाँ अभी देखना बाकी है। एक अनुशासनहीन और बिखरे हुए विपक्ष का मतलब है कि यह सब अभी लंबे समय तक टिके रहेंगे।

अगर बैंकों को नहीं सुधार सकते तो 8 प्रतिशत की वृद्धि दर को कह दें अलविदा

वित्तीय प्रणाली अभी भी अर्थव्यवस्था पर घसीटी जा रही है जो बैंकिंग के कार्य, विनियमन और निरीक्षण में सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करती...

न्यायपालिका को न्यायाधीशों से भी बचाएं

अधिकारों को लेकर खींच-तान से लेकर,सुर्ख़ियों में रहने और अपनी ही सभा को संभालने की असमर्थता तक -न्यायापालिका अब अपने ही भीतर से खतरे...

क्या ‘पिंक’ के बाद महिलाओं के लिए लड़-लड़ के थक चुके हैं अमिताभ बच्चन ?

ये बहुत ही अनुचित है। मीडिया यह भूलते हुए दिखाई देती है कि वो पिंक को नहीं 102 नॉट आउट को बढ़ावा दे रहे हैं। ये 2016 में था और क्या अमित जी ने इसके लिए अपनी मध्यम आवाज़ का सर्वोत्तम योगदान दिया था? कमजोर अमिताभ बच्चन।लोग उनसे बहुत ज्यादा अपेक्षा रखते हैं।

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ईरान का संघर्ष भारत तक पहुंचा, मुसलमानों से फिर देशभक्ति साबित करने की मांग

जो भी सच में सच्चाई जानना चाहता है, वह आसानी से उन कई घटनाओं को देख सकता है—कश्मीर से लेकर लखनऊ तक, जहां भारतीय मुसलमान आतंकवादी हमलों के खिलाफ सबसे आगे खड़े होकर आवाज़ उठाते रहे हैं.

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राजनीति

देश

प्रगति रिपोर्ट अपलोड करने में विफल रहने पर दो प्रमोटर पर 2.43 करोड़ रुपये का जुर्माना

लखनऊ, नौ मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (उप्र रेरा) ने दो प्रमोटर पर प्राधिकरण के वेब पोर्टल पर अपनी पंजीकृत परियोजनाओं की...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.