scorecardresearch
Sunday, 29 March, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

प्यार और सेक्स से वंचित, हिंदुत्व ट्रोल देते हैं बलात्कार की धमकियाँ

गिरीश माहेश्वरी, जिन्हें कांग्रेस प्रवक्ता की बेटी को रेप की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है, के दिल और दिमाग पर एक नज़र डालते हैं।

एक अम्बानी शादी के लिए, सिंड्रेला को भी कितनी परी माताओं का चाहिए होगा साथ?

आकाश अंबानी और श्लोका मेहता अभी तक विवाह के बन्धन में नहीं बंधें है। लेकिन उनकी सगाई पार्टी ने हमें पहले ही बहुत रोमांचित कर दिया है

पत्रकारों को गाली देने से नहीं बदलेगा 1993 की घिनौनी साजिशों का इतिहास

यह कितना पैशाचिक है, यहाँ पढ़ें। सिलसिलेवार धमाकों के बाद शूरू होने वाले दंगों के लिए 71 एके, 500 ग्रेनेड और 3.5 टन आरडीएक्स को सुरक्षित स्थानों पर छिपाया गया था। अकेले बॉम्बे ने ही भारत को बचा लिया और आईएसआई को नाकाम कर दिया

सोनाली बेंद्रे की कैंसर घोषणा ने अनचाही अफवाहों को किया परे

बेंद्रे द्वारा अपनी बीमारी के बारे में किया गया ट्वीट मीडिया की अटकलों से पहले एक सेलिब्रिटी द्वारा ईमानदारी से खुलासे का एक और उदाहरण है।

हर मॉनसून डूबती है मुंबई: क्यों बीमारी और थकावट से ग्रस्त है यह शहर

जैसे ही एक और पुल गिरता है और मुंबईवासी दोषारोपण हैं। खुद को दोबारा याद दिलाने के लिए इन इबारतों को साझा करते हैं...

सुबह का भूला यदि शाम को घर न लौटे, तो उसे नीतीश कुमार कहते हैं

नीतीश कुमार ने हमेशा दूसरों की बैसाखी पर विशुद्ध सहुलियत भरी राजनीति की है। अब उनका सामना मोदी-शाह की तानाशाही वाली भाजपा से हुआ, तो इनके होश उड़े हुए हैं

फेक न्यूज़ से लोग मर रहे हैं और व्हाट्सएप बस खड़े खड़े तमाशा देख रहा है

20 करोड़ भारतीयों द्वारा उपयोग की जाने वाली मैसेंजर सेवा को अपने पक्ष को सिद्ध करना है

मोदी को यदि हराना है, तो नितीश को गले लगाना है

2019 लोकसभा चुनावों में भाजपा को हराने के लिए विपक्ष के लिए बिहार एक महत्वपूर्ण राज्य है।

सुषमा स्वराज तो ट्रोल हुई हीं, पर आईआईटी की छवि को भी पंहुचा है नुकसान

यह जरूर कहा जाना चाहिए कि आईआईटी वैल्यू सिस्टम का इस प्रकार के व्यवहार के साथ कोई लेना-देना नहीं है, चाहे यह किसी भी माध्यम पर हो

हर कोई यात्रा करता है, तो राहुल गाँधी की छुट्टियों पर इतनी उत्तेजना क्यों?

राहुल गांधी कांग्रेस का चेहरा हैं। उनके शब्दों और कार्यों से यह प्रभाव पड़ता है कि लोग पार्टी के बारे में क्या सोचते हैं।

मत-विमत

खाड़ी युद्ध ने भारत की कमजोरियां उजागर कीं, अब राष्ट्रीय हित में आत्ममंथन का वक्त है

सरकार कड़वा सच क्यों नहीं बोल सकती, इसे समझना बहुत आसान है. तमाम युद्धों की तरह यह युद्ध भी जब रुक जाएगा तब भी भारत के हित विजेता के साथ भी जुड़े होंगे और हारने वालों के साथ भी.

वीडियो

राजनीति

देश

दिल्ली का अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान कर रहा:मंत्री कपिल मिश्रा

नयी दिल्ली, 28 मार्च (भाषा) दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने शनिवार को कहा कि दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफडी) प्रतिभाओं के लिए...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.