दशकों से सैन्य इतिहास का एक बहुत ही उग्रतापूर्ण और राष्ट्रवादी संस्करण तैयार किया गया है – लेकिन राजनेताओं ने तो जनरलों को भी गलत तरीके से उजागर किया है । इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि मोदी के भी तथ्य गड़बड़ा गए
वामपंथी उदारवादियों को कार्पोरेट से प्रायोजकों की भीख मांगने को लेकर कोई समस्या नहीं है जो कि उनके साहित्यिक समारोहों से लेकर वाइन और चीज तक की पार्टियों का आयोजन करते हैं।
2022 में, खिलाड़ियों ने कहा था कि उन्हें त्यागराज स्टेडियम में जल्दी ट्रेनिंग खत्म करने को कहा गया ताकि IAS जोड़े अपना कुत्ता घुमा सकें. इसके बाद सामने आया मीम्स और जनता का गुस्सा.
भुवनेश्वर, 24 जनवरी (भाषा) ओडिशा सरकार ने शनिवार को भुवनेश्वर-कटक-पुरी-पारादीप आर्थिक क्षेत्र (बीसीपीपीईआर) के विकास के लिए नीति आयोग से समर्थन मांगा, जिसे राज्य...