इस 15 जनवरी को मेरी मां का देहांत हो गया. उनकी नोटबुक ने मुझे भारतीय महिलाओं की बेचैनी और अक्सर यातनापूर्ण खोज के बारे में बताया, जो आवाज़, जगह और समानता पाने के लिए शुरू की गई थी.
प्रशांत किशोर ने बिहार के मतदाताओं की नब्ज़ पकड़ ली है — एक ऐसे CM के प्रति उनकी हताशा और उदासीनता, जिनका जादू खो गया है, लेकिन हार मानने से इनकार कर रहे हैं.
तलाक के संबंध में, यूसीसी ऐसे प्रावधान लाती है जो न्यायेतर तलाक के तरीकों को दंडित करते हैं - जिनमें तलाक-उस-सुन्नत, तलाक-ए-बिद्दत, खुला, मबारत और जिहार शामिल हैं.
आम धारणा के विपरीत, उत्तराखंड देश में यूसीसी को लागू करने वाला पहला नहीं बल्कि दूसरा राज्य है. इस मामले में पहला राज्य बनने का गौरव गोवा ने हासिल किया है.
काम के घंटे बढ़ाने का समर्थन करने वाले कहते हैं कि भारत को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्द्धा में बने रहना है तो कामगारों का अटूट समर्पण निर्णायक साबित हो सकता है, लेकिन प्रोडक्टिविटी तो सीधे काम के घंटे के अनुपात से बढ़ती-घटती नहीं है.
इस नई दुनिया में ‘पॉपुलिज़्म’ वाम, दक्षिण, मध्य, सभी मार्गों को ध्वस्त कर रहा है. बेशक हर एक देश, मतदाता समूह, और समाज के लिए यह अलग-अलग रूप में उभर रहा है, इसका आकर्षण और इसकी सफलता इसके प्रयोग में निहित है. यह आपके दिल या दिमाग पर ज्यादा बोझ नहीं डालता.