आज से पांच साल बाद सभी जाति और वर्ग के लिए उम्र और अटैंप्ट की अलग-अलग सीमा समान कर दी जाए, वरना उच्च पदों पर एससी-एसटी-ओबीसी के अफसरों का अकाल बना रहेगा.
जेडी (यू) के पास अभी भी लोकसभा में 12 और राज्य विधानसभा में 85 सदस्य हो सकते हैं, लेकिन नीतीश कुमार के बिना पार्टी के सामने नेतृत्व की बड़ी कमी खड़ी हो गई है.