सपा और बसपा ने इस संविधान और लोकतंत्र विरोधी कार्य में सरकार का साथ क्यों दिया? क्या ये दोनों पार्टियां ये सोचती हैं कि सवर्ण अब कांग्रेस और बीजेपी को छोड़कर सपा और बसपा को वोट डालेंगे?
सवर्ण जातियों को आर्थिक आधार पर केन्द्र सरकार द्वारा दिया जा रहा 10 प्रतिशत आरक्षण क्या संवैधानिक आरक्षण को खत्म करने की दिशा में बढ़ाया गया पहला कदम है?