पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के 12 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज की तत्काल ज़रूरत है और यदि युद्ध को टालना है तो चीन के अलावा शेष प्रमुख ताक़तों को पाकिस्तान पर दबाव डालने के लिए इसका इस्तेमाल करना चाहिए.
बीएसएनएल जैसी टेलीकॉम कंपनियां तन्ख्वाह नहीं दे पा रहीं. उनके लाभकारी बनने के कोई संकेत भी नहीं. इससे बचने का सही उपाय कंपनियों में पैसा डालने के बजाय, इसमें काम कर रहे लोगों को पैसा देकर विदा करना बेहतर उपाय है.
अरे भाई ! कुछ किसान आत्महत्या जरूर कर रहे हैं यही सही है. लेकिन, यह समझना चाहिए कि यह हत्या खेती के अलाभकारी होने मात्र से है या उसके कारण अन्य भी हैं.
अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरानी नेतृत्व की हत्याओं का परिणाम यह हुआ कि मारे गए लोगों को शहादत का दर्जा मिल गया. शिया समुदाय ने इन मौतों को कर्बला की लड़ाई से चली आ रही शहादत के रूप में देखा.
लखनऊ, 11 अप्रैल (भाषा) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए सामाजिक परिवर्तन में...