1857 के विद्रोह में मुगल बादशाह के खेमे में झांसी की रानी व कुछ राजा थे. वहीं देश की 500 से ज्यादा रियासतें या तो अंग्रेजों के साथ थीं, या इस युद्ध से अलग रहीं. लेकिन उनमें सिर्फ मराठा शासक सिंधिया को क्यों अंग्रेजों के मित्र के रूप में स्थापित किया जाता है?
इंडिया आर्ट फेयर में सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाला आर्टवर्क किसी परिभाषा में नहीं बंधता—गिरजेश कुमार सिंह मलबे से निकाली गई ईंटों से लोगों और उनके बैग की मूर्तियां बनाते हैं. इस प्रदर्शनी का नाम 'हाल मुकाम' है.