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Friday, 20 March, 2026
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क्यों घुटनों के बल आया पाकिस्तान?

यह नए भारत का असर है कि पाकिस्तान ने घुटनों को टेक कर अभिनंदन को ससम्मान भारत भेज दिया. क्या आपको इस तरह का दूसरा उदाहरण विश्व में कहीं और मिलेगा?

1977 में जब बिना ठीक से गठित हुई जनता पार्टी को वोटरों ने देश की सत्ता सौंप दी

भले ही पीएम नरेन्द्र मोदी आजकल यह दावा करते नहीं थक रहे हों कि केन्द्र में गैरकांग्रेसी गोत्र वाली पहली सरकार 2014 में उनके ही नेतृत्व में बनी.

उच्च शिक्षण संस्थानों में आरक्षण खतरे में

केंद्र सरकार अध्यादेश लाकर आरक्षण मामले का कुछ हद तक समाधान निकाल सकती है, लेकिन अब ये मामला बुरी तरह से उलझ चुका है.

पाक के विरुद्ध सैन्य कार्यवाई ने दिखा दिया है कि भारत दुनिया के लिए कितना महत्वपूर्ण है

इस्लामाबाद के लिए ये एक कड़वा सच है कि भारत ने जब अपने मिराज उसकी सीमा में भेजे तो दुनिया के एक भी देश ने उसके पक्ष में कुछ नहीं कहा.

अमेरिका और मेक्सिको की तरह, हम भारत और पाकिस्तान के बीच दीवार नहीं बना सकते

आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में कूटनीतिक समर्थन बढ़ाने की कवायद में जुटा भारत सही रास्ते पर है. सैनिक दबाव से पाकिस्तान घुटने नहीं टेकेगा.

भारत के साथ खूनी-संघर्ष, 50 वर्षों से चला आ रहा आत्म-विनाश कैसे रोकेंगे इमरान

पिछले पचास वर्षों में पाकिस्तान भारत के साथ रिश्तों में न केवल शर्मसार होता रहा है, बल्कि दुनिया भर में अपना समर्थन और अपनी आर्थिक हैसियत भी गंवाता गया है.

आदिवासियों के अधिकार छिनने से कमजोर हो जाएगा राष्ट्र

देश में 10 करोड़ से ज्यादा आदिवासी हैं. उनके अधिकारों की रक्षा वह वादा है, जिसे राष्ट्र ने आजादी के वक्त उनसे किया था. वन अधिकार कानून की रक्षा आवश्यक है

पाक ने शांति के लिए अभिनंदन को किया रिहा, पर इमरान को मोदी से ज्यादा आशा नहीं

ख़ान की घोषणा के बाद, पाकिस्तान में बहुत से लोग सवाल कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान को बिना किसी शर्त या रियायत के क्यों छोड़ रहे हैं.

कश्मीर समस्या का हल क्या है?

पलायनवाद हमारा चिन्तन चरित्र बन चुका है. हम पेन किलर खा कर अपनी बीमारी छिपाने वाले राष्ट्र में तब्दील हो गए हैं. 1947 में कश्मीर समस्या फुंसी थी, नेहरू ने तब इसका इलाज करने की जगह धारा 370 का पेन किलर लेना ठीक समझा.

नरेंद्र मोदी ने किस मजबूरी में दलितों के पैर धोए?

आरएसएस एक ऐसी समाज व्यवस्था चाहता है जिसमें जातिभेद कायम रहे, लेकिन सभी जातियां समरसता के साथ रहें. इसी के तहत नरेंद्र मोदी दलितों के पांव धोए हैं. इससे जातियां कमजोर नहीं होंगी.

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BJP का राहुल गांधी पर लगातार हमला डर नहीं, बल्कि राजनीतिक रणनीति है

अगर राहुल गांधी इतने ही बेकार हैं कि वे इस सरकार के लिए एक 'एसेट' और विपक्ष के लिए एक 'लायबिलिटी' की तरह काम करते हैं, तो फिर सरकार उन्हें ख़बरों में बनाए रखने के लिए इतनी ज़ोर-शोर से कोशिश क्यों कर रही है?

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उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने ‘मो. दीपक’ से पूछा- एक आरोपी पुलिस सुरक्षा कैसे मांग सकता है?

नैनीताल, 19 मार्च (भाषा) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कोटद्वार प्रकरण में खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताने वाले जिम मालिक दीपक कुमार को फटकार...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.