महिला आरक्षण विधेयक को मौजूदा स्वरूप में पारित करने से ओबीसी और माइनॉरिटी के लोग नाराज हो सकते हैं. लेकिन हर हाथ में बताशा रखने की होड़ में राहुल गांधी ये जोखिम उठा रहे हैं.
भारत में सेना सरकार के निर्देशन में काम करती है. इस मामले में भारत की स्थिति पाकिस्तान से अलग है, जहां सेना ही सरकार को संचालित करती है. भारत में फैसले सरकार को ही लेने होंगे.
आर्थिक असमानता बढ़ने की वजह से भारत में राजनीतिक पार्टियों, न्यायालयों, विश्वविद्यालयों, मीडिया समेत तमाम संस्थाओं पर कुछेक परिवारों का कब्जा होता चला जा रहा है. इससे जनता का लोकतंत्र पर भरोसा कम हो रहा है.
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के आतंकी शिविरों पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद कांग्रेस ने सेना का सत्कार भी किया और उसी समय स्ट्राइक को लेकर सवाल भी उठाए.
राजनीतिक नेतृत्व ने 1971 की तरह 2020 में भी सैन्य मामलों में दखल न देकर सही राजनीतिक निर्देश जारी किया, और रक्षा मंत्री ने सेना अध्यक्ष को सलाह दी कि 'जो उचित समझो वो करो.'