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Wednesday, 22 April, 2026
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अखिलेश की ‘भैंस’ यानी जन्म, कर्म और राजनीति का कॉकटेल

खासकर दलित और पिछड़ी जातियों के नेताओं को अक्सर जातिसूचक अपमानजनक संबोधन झेलने पड़ते हैं और जाति कर्म के आधार पर उनका मजाक उड़ाया जाता है. क्या है इसकी समाजशास्त्रीय व्याख्या?

चुनाव जीतने के लिए वोट का ध्रुवीकरण करने में जुटी भाजपा

पिछले पांच सालों के दौरान अगर ख़ूब 'विकास' हुआ है, तो चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी के नेता विकास पर वोट क्यों नहीं मांग रहे हैं? आखिर क्यों मुसलमान विरोधी धुव्रीकरण की कोशिश की जा रही है?

मुंबई छोड़िए, दिल्ली भोजपुरी संगीत इंडस्ट्री का नया केंद्र बन गया है

मुंबई में रिकॉर्डिंग स्टूडियो केवल प्रसिद्ध भोजपुरी गायकों की उम्मीदों को पूरा कर रहे हैं. वहां रिकॉर्डिंग और गुजर-बसर महंगा है, दिल्ली में, एक गीत 2,500 रुपये में तैयार हो जाता है और स्टूडियो हाथों-हाथ लेते हैं.

मोदी इस चुनावी मौसम में भोजपुरी संगीत जगत के ‘बलमा चौकीदार’ हैं

इन दिनों राजनीति का जलवा है और भोजपुरी गायक इसे खूब भुना रहे हैं.

डिजिटलीकरण में जिसने आलस किया वह पीछे छूट जाएगा

भारत में इंटरनेट के ग्राहकों की संख्या 56 करोड़ हो गई है और 2018 में यहां 12.3 अरब ऐप डाउनलोड किए गए. दुनिया में केवल चीन ही इस मामले में उससे आगे है.

उदित राज की बीजेपी से विदाई है संघ के समरसता प्रोजेक्ट की असफलता

पिछले कुछ दिनों से लग रहे क़यासों को सही साबित हुए, डॉ उदित राज ने आख़िरकार बीजेपी को छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन कर लिया है. उन्होंने उत्तर-पश्चिमी दिल्ली से अपना टिकट कटने की वजह से बीजेपी छोड़ दी है.

बेगूसराय में जावेद अख्तर ने क्यों किया आरजेडी उम्मीदवार तनवीर हसन का विरोध

बिहार के चुनावी समर में बेगूसराय सिर्फ एक सीट है. लेकिन यहां कन्हैया के खड़े होने और उनके पक्ष में देशभर से प्रगतिशील लोगों के जमा होने से इसे बहुत ज़्यादा मीडिया कवरेज मिल रही है. वहां जावेद अख्तर के एक बयान से विवाद हो गया है.

तो 40 साल बाद मिल सकता है दिल्ली को दूसरा सिख सांसद?

दिल्ली सरकार में मंत्री रहे अरविंदर सिंह लवली को कांग्रेस ने ईस्ट दिल्ली सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है. 1980 में चरणजीत सिंह बने थे दक्षिणी दिल्ली से सांसद.

क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी और अभिनेता अक्षय, दोनों हकीकत से दूर फिल्मी दुनिया में रहते हैं

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के मुखिया राजीव रंजन मिश्र का मातृ सदन जाने का हर्गिज यह मतलब नहीं कि सरकार आत्मबोधानंद से बात कर रही है.

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर दिग्विजय सिंह के लिए वरदान समान

अक्सर कांग्रेस का ‘मुस्लिम चेहरा’ बताए जाने वाले दिग्विजय सिंह अपनी छवि सुधारने और भोपाल के मुकाबले को ‘हिंदू धर्म बनाम हिंदुत्व’ का रूप देने के लिए प्रयासरत हैं.

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लखनऊ में व्यक्ति ने लाइसेंसी बंदूक से खुद को मारी गोली; पारिवारिक विवाद की आशंका

लखनऊ, 22 अप्रैल (भाषा) लखनऊ के पारा इलाके में बुधवार को 55 वर्षीय एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी बंदूक से खुद...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.