जम्मू कश्मीर का पूर्व डोगरा शाही परिवार यानी पूर्व सदरे-रियासत डॉ कर्ण सिंह का परिवार आज राजनीति में अपना अस्तित्व बचाए रखने की लड़ाई लड़ने को मजबूर है.
कन्हैया कुमार के सीपीआई यानी कम्युनिस्ट पार्टी के टिकट पर बेगूसराय से चुनाव लड़ने को लेकर वामपंथियों में काफी उत्साह है. वैसे बिहार में वामपंथी राजनीति पर नजर रखनी है तो आरा सीट को देखिए. बेगूसराय में यथास्थिति कायम है.
गुड़गांव में भूपसिंह नगर में एक मुस्लिम परिवार के घर पर 40-50 लोगों के हमले को एक सामान्य घटना मान कर आगे बढ़ लिया जाएगा. लेकिन क्या यह सिर्फ एक ऐसी घटना भर है, जिसकी अनदेखी की जानी चाहिए?
औपनिवेशिक खुफिया तंत्र क्रांतिकारियों को व्यक्ति के रूप में नहीं बल्कि खतरे के रूप में दर्ज करता था. ऐसा करके उसने कई ज़िंदगियों को इतिहास से निष्कासित कर दिया.