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Saturday, 7 February, 2026
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अखिलेश यादव विजेता हैं, क्योंकि सपा के लोहिया को आंबेडकर मिल गए

अखिलेश यादव ने बसपा से गठबंधन करके दलितों के लिए अपनी पार्टी का वह दरवाजा खोला है, जिसे मुलायम और मायावती के बीच की कटुता ने पूरी तरह बंद कर दिया था.  

मोदी सरकार ने पहले कार्यकाल में नौकरियों के संकट का समाधान नहीं किया

भारत को एक राष्ट्रीय रोजगार कार्यनीति की दरकार है, जिसके तहत मंत्रालयों को लक्ष्यों को हासिल करने के संबंध में पीएमओ को अपनी वार्षिक कार्ययोजनाएं सौंपनी होगी.

राष्ट्रीय शिक्षा नीति की मंशा हिंदी थोपने की नहीं है, सरकार को इससे पीछे हाथ नहीं हटाना चाहिए

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मसौदा लोगों पर हिंदी लादने का कोई षड़यंत्र नहीं बल्कि भाषा और शिक्षा के संबंधों पर नीति तैयार करने की दिशा में आगे की तरफ उठाया गया एक कदम है.

बबुई तुलसी के बीजों के बिना अधूरी है कश्मीर में रमजान की इफ़्तारी

रमजान के पवित्र महीने के दौरान रोज़ा रखने वाले व्यक्ति में पानी की कमी को पूरा करने के लिए भी ‘बब्बरी-ब्योल’ (बबुई तुलसी) का इस्तेमाल किया जाता है. इसके सेवन से प्यास को रोकने में मदद मिलती है.

भारत के बुनियादी विचार के खिलाफ है नागरिकता संशोधन विधेयक

ये विधेयक भारत में बाहर से आकर बसे हुए लोगों को, धार्मिक आधार पर विभेद करते हुए, नागरिकता प्रदान करने की बात करता है. इस दृष्टि से ये विधेयक संविधान निर्माताओं की भावना के खिलाफ है.

कांशीराम और मायावती के काम के तरीके में फर्क

कांशीराम जहां सेना के नियमों के हिसाब से काम करते थे, वहीं मायावती नौकरशाही के मॉडल पर चलती हैं. यह मॉडल बीएसपी को कहां पहुंचा सकता है चुनाव नतीजों से देखा जा सकता है.

किस विचारधारा के लिए और कैसे लड़ेंगे राहुल?

उनके और देश दोनों के लिए बेहतर होगा कि नये मुकाबले से पहले स्थितियों और परिस्थितियों का सम्यक आकलन कर अपने सरंजामों की बेहतरी सुनिश्चित कर लें.

राम-राम से लेकर राम नाम सत्य है तक राम ही तो हैं!

राम का नाम भारत से बाहर जा बसे करोड़ों भारतवंशियों को एक-दूसरे से जोड़ता है. राम आस्था के साथ सांस्कृतिक चेतना के भी महान दूत हैं.

क्या है ‘कांग्रेस सिस्टम’ जिसके टूटने के कारण हार रही है पार्टी

कांग्रेस संगठन में राहुल गांधी को ये बताना वाला कोई नहीं था कि महत्वपूर्ण नेताओं को जिम्मेदारियां न सौंपकर वे गलतियां कर रहे हैं.

बाबा साहेब से सीखें हारे एमपी, खाली करें लुटियन जोन के बंगले

डा.भीमराव आंबेडकर ने पंडित नेहरु की कैबिनेट से 27 सितंबर,1951 को इस्तीफा दे दिया था. वे उसके अगले ही दिन यानी 28 सितंबर, 1951 को 26 अलीपुर रोड में शिफ्ट कर गए थे.

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ओडिशा में भाजपा महानदी मुद्दे को हल करने में असमर्थ, छत्तीसगढ़ को और बांध बनाने की अनुमति दी गई: बीजद

भुवनेश्वर, छह फरवरी (भाषा) विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने शुक्रवार को ओडिशा की भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए उस पर महानदी जल...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.