मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इन लोगों की अगुआई लड़की के पिता दशरथ सिंह जाला कर रहे थे. लड़की का नाम उर्मिला है. उसके गर्भ में दो महीने का बच्चा पल रहा है.
घृणा जनोन्माद फैलाने वाले नेताओं का एक प्रभावी औजार है. प्लेटो के अनुसार, ऐसे नेता लोकतंत्र के लिए खतरा हैं. इसका समाधान भारत के बहुसंख्यकों और समानता की उनकी चाहत में है.
उत्तर भारत में जिस समाजवादी आंदोलन की कभी धाक थी, उसने मौजूदा दशक में हिंदुत्ववादियों के सामने हथियार डाल दिए हैं. लेकिन ये हार विचारधारा की नहीं, राजनीतिक दलों और नेताओं की है. क्या यहां से वापसी का कोई रास्ता है?
बाबासाहब आंबेडकर के जीवन पर `डा.बाबासाहब आंबेडकर महामानवाची गौरवगाथा' (डा.बाबासाहब आंबेडकर महामानव की जीवनगाथा) बुद्ध पूर्मिमा 18 मई से शुरू हुआ सीरियल मराठी में धूम मचा रहा है.
भारत में कम्युनिस्ट पार्टी और आरएसएस दोनों की स्थापना 1925 में हुई. विचारधारा आधारित दोनों शक्तियों में से आरएसएस ने अपनी सौवीं वर्षगांठ से पहले ही स्थापना के समय का अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है.
किसी भी पूंजीवादी व्यवस्था या तंत्र को संकट मुक्त रखने के लिए लोक कल्याणकारी कार्यों की जरूरत होती है. मौजूदा बजट के संदर्भ में ये जानना दिलचस्प होगा कि क्या भारतीय पूंजीवाद अपने लिए कोई और रास्ता अख्तियार करेगा?
जो भी सच में सच्चाई जानना चाहता है, वह आसानी से उन कई घटनाओं को देख सकता है—कश्मीर से लेकर लखनऊ तक, जहां भारतीय मुसलमान आतंकवादी हमलों के खिलाफ सबसे आगे खड़े होकर आवाज़ उठाते रहे हैं.