scorecardresearch
Saturday, 7 February, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

आरक्षण के खिलाफ क्यों बोलने लगे हैं दलित नेता

अगर आरक्षण को खत्म करने की बात अगर कोई सवर्ण करेगा तो जनाक्रोश फैल सकता है. जबकि अगर कोई दलित-वंचित पहचान वाला नेता आरक्षण को खत्म कर देने की बात करे तो आरक्षित वर्गों के भीतर कई तरह की प्रतिक्रयाएं होने लगती हैं.

भारत में चुनाव सुधार के लिए जर्मनी से कुछ सबक

भारत में भी समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के जरिए प्रतिनिधियों का चुनाव होना चाहिए, या फिर जर्मनी की तरह मिली-जुली प्रणाली अपनाई जानी चाहिए.

परिजन हिताय, परिजन सुखाय की नीति पर चली बसपा

भाई और भतीजे को पार्टी नेतृत्व में लाते समय मायावती शायद भूल गयीं कि पिछली बार अपने भाई को पद से हटाते समय उन्होंने घोषणा की थी उनके परिवार का कोई भी सदस्य बसपा में कोई भी पद नहीं संभालेगा.

तेजस्वी के गायब होते ही बिहार में यादव वंश अस्तित्व के संकट का सामना कर रहा है

तेजस्वी के रुख से राजद नेता परेशान हैं और कई विधायक पहले से ही बातचीत कर रहे हैं कि कब और कैसे भाजपा और जेडी (यू) में शामिल हुआ जाए.

एक आर्थिक संकट आया नहीं कि मोदी-शाह की भाजपा इंदिरा गांधी की 1977 वाली हालत में होगी

देश एक अनिश्चित भविष्य की राह पर है, भले ही इसका अतीत पुनर्निर्मित किया जा रहा हो. मोदी-शाह को कांग्रेस पर प्रहार और हिंदुत्व से आगे सोचना पड़ेगा.

न्यायपालिका में भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को गोगोई ने लिखा पत्र

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अनुरोध किया है कि न्यायपालिका में शीर्ष स्तर पर भ्रष्टाचार रोकने के लिये इसमें से भ्रष्ट लोगों को बाहर किया जाये.

जिस देश में हर 10 में 4 बच्चा कुपोषित, उस देश में योग का मतलब

योग उपयोगी है. लेकिन उसके साथ ही असमानता के कारण होने वाले कुपोषण का समाधान जरूरी है. ये आवश्यक है कि हर वर्ग के लोगों का हेल्थ चेकअप और इलाज हो सके, जिसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं में सरकारी निवेश बढ़ाना होगा.

क्या पाकिस्तानी जनरलों को इमरान ख़ान से करियर में उन्नति चाहिए

पाकिस्तानी जनरल अपने देश को सेना मुख्यालय के पूर्ण स्वामित्व वाला सहायक उपक्रम मानते हैं और खुद को उसके निदेशक मंडल का हिस्सा.

क्या स्वास्थ्य मंत्रालय को बीमारियों को रहस्यमयी बनाने की बीमारी है

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में चमकी बुखार ने देश को हिलाकर रख दिया है. हकीकत ये है कि केंद्र और बिहार के स्वास्थ्य विभाग संजीदगी दिखाता तो शायद ऐसी नौबत ही नहीं आती.

क्या हम अपने जनसांख्यिकीय लाभों को गंवा देंगे ?

जो देश अपने यहां परिवर्तन के दौर का सार्थक उपयोग करते हैं वे ही आर्थिक तेजी का लाभ उठा पाते हैं.

मत-विमत

वीडियो

राजनीति

देश

अमेरिका, भारत अंतरिम व्यापार समझौते के लिए रूपरेखा पर सहमत: संयुक्त बयान

नयी दिल्ली, सात फरवरी (भाषा) अमेरिका और भारत ने शनिवार को अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति बनने की घोषणा की। इसके...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.