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Saturday, 7 March, 2026
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तीन तलाक और 370 पर नीतीश ने बीजेपी का साथ क्यों नहीं दिया?

नीतीश कुमार क्या फिर से दोराहे पर हैं? क्या वे एक बार फिर बीजेपी से अलग हो जाएंगे? ये सवाल बिहार ही नहीं, पूरे उत्तर भारत की राजनीति के लिए बहुत महत्वपूर्ण बन गया है.

राम, हिंदी, हिंदुत्व की राजनीति तमिलनाडु में फेल क्यों?

तमिलनाडु और बीजेपी के बीच खड़ा है चट्टान से भी ऊंचा तमिल गौरव, जिसे भेद पाने का मंत्र बीजेपी को अब तक नहीं मिल पाया है. तमिलनाडु में बीजेपी के वोट इस बार घट गए हैं.

भाजपा के लिए सुषमा स्वराज वैसी ही थी, जैसे राहुल द्रविड़ भारतीय क्रिकेट टीम के लिए

सुषमा स्वराज ने 25 वर्ष की उम्र में देवीलाल की जनता पार्टी सरकार में सबसे युवा मंत्री के तौर पर राजनीति में अपनी शुरुआत की थी.

कश्मीर पर मोदी की पहल भारतीय लोकतंत्र और मौन उदारवादियों के लिए सबसे बड़ी परीक्षा है

भाजपा अपनी पहल को समर्थन नहीं होने को लेकर इतनी आश्वस्त है कि ‘कानून व्यवस्था’ बनाए रखने के लिए और अधिक संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती करनी पड़ी है.

धारा 370 पर भारत ने नहीं किया है किसी अंतरराष्ट्रीय समझौते का उल्लंघन, न के बराबर होगा विरोध

विदेशी मीडिया की ओर से ज़रूर कड़ी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं पर जहां तक सरकारों की बात है, हमें ज्यादातर चुप्पी या शांत समर्थन देखने को मिलेगा.

कहीं अयोध्या मामले पर भी धारा 370 की तरह कोई बड़ा कदम न उठा लिया जाए

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के घटक दलों के दबाव में जिन तीन विवादास्पद मुद्दों को अपने एजेंडे से बाहर कर दिया था, अब वे कतई वर्जित नहीं रह गये हैं.

राज्य के रूप में जम्मू कश्मीर के अंत से उठते संवैधानिक सवाल

क्या बगैर संविधान संशोधन की प्रक्रिया के संविधान के अनुच्छेद 367 को, एक नया प्रावधान जोड़ने के लिए संशोधित किया जा सकता है?

तीन तलाक, शबरीमाला और ज़ोमैटो सब ध्रुवीकरण के मुद्दे हैं

भाजपा भी यह जानती है कि इससे मुसलमानों का वोट मिलने वाला नहीं है. उसका इरादा हिन्दू वोट को साधने का है. कुछ न कुछ ऐसे करते रहना होगा ताकि हिन्दू–मुस्लिम ध्रुवीकरण बना रहे.

अनुच्छेद 35ए को निरस्त कर मोदी के मिशन कश्मीर को पूरा करने का वक्त आ गया है

अगर मोदी सरकार अब भी अनुच्छेद 35ए को खत्म नहीं करती तो उसकी भद्द पिटेगी और ये एक तरह से कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों को सौंपने जैसा होगा.

‘चाय पर शत्रु-सैनिक’ रचने वाले कवि विहाग वैभव का रचना संसार

कविता के क्षेत्र में युवाओं के लिए महत्वपूर्ण ‘भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार-2018 युवा कवि विहाग वैभव को उनकी कविता ‘चाय पर शत्रु-सैनिक’ के लिए मिलेगा.

मत-विमत

ईरान का संघर्ष भारत तक पहुंचा, मुसलमानों से फिर देशभक्ति साबित करने की मांग

जो भी सच में सच्चाई जानना चाहता है, वह आसानी से उन कई घटनाओं को देख सकता है—कश्मीर से लेकर लखनऊ तक, जहां भारतीय मुसलमान आतंकवादी हमलों के खिलाफ सबसे आगे खड़े होकर आवाज़ उठाते रहे हैं.

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हरिद्वार, सात मार्च (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस के विरोध के बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

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