न्यायमूर्ति कुरैशी की पदोन्नति को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान की गयी टिप्पणियां यह संकेत दे रही हैं कि कोलेजियम व्यवस्था मे सब कुछ ठीक नहीं है और इसमें ठोस सुधार की आवश्यकता है.
गौरतलब है कि पिछले दिनों अमित शाह ने एक कार्यक्रम में बिल्कुल प्राचीन इतिहास के नायकों की तरह कहा था कि औरतों की ‘इज्जत’ के लिए युद्ध भी करना पड़े तो करेंगे.
लाहौर सेंट्रल जेल में भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी की निश्चित तारीख 24 मार्च से एक दिन पहले ही सारे नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए शहीद कर दिया गया था.
उच्च शिक्षा प्राप्त नौजवानों में बेरोजगारी दर दुनिया में मौजूद बेरोजगारी दर से बहुत ज्यादा है. महिलाओंं में बेरोजगारी पुरुषों की तुलना में लगभग तिगुना ज्यादा है. बेरोजगारी थामने के उपाय नहीं हुये तो हालात विस्फोटक हो सकते हैं.
शरद पवार को निपटाए बिना बीजेपी के लिए अपने दम पर महाराष्ट्र की सत्ता पर कब्जा कर पाना मुमकिन नहीं होगा. मराठा राजनीति के इस सबसे बड़े नेता के लिए बीजेपी ने बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है.
काहिल विपक्ष बिना कुछ किए सब कुछ पा लेना चाहता है. वह अपने आरामदेह घरों और दफ्तरों में बैठे-बैठे, यूरोप की सैर का मज़ा लेते हुए चाहता है कि मीडिया उसके पास आए और विपक्ष की भूमिका निभाए.
दुनिया में इस समय ऐसे नेताओं की एक पूरी कतार है जो जन भावनाओं को उभार कर तो कभी उनकी सवारी करके प्रभावी बने हैं. नरेंद्र मोदी की पहचान भी इसी क्रम में होती है.
पश्चिम बंगाल चुनाव में वामपंथी दल और कांग्रेस खुरचन में हिस्सेदारी के लिए होड़ लगा रहे हैं. पूर्वी-मध्य भारत में माओवाद को कब्र में दफन कर दिया गया है, तो केरल में वे सरकार विरोधी दोहरी भावना से जूझ रहे हैं.