आरक्षित और अनारक्षित वर्ग के कैंडिडेट के अलग-अलग इंटरव्यू करने को सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक और गैरकानूनी करार दिया है. कोर्ट के इस फैसले से कटेगरी देखकर नंबर देने का चलन खत्म हो सकता है.
दिल्ली विश्वविद्यालय में सावरकर को भगत सिंह और सुभाषचन्द्र बोस के बराबर खड़ा करने की कोशिश की गई थी लेकिन उद्धव उनके समानांतर जवाहरलाल नेहरू का जिक्र कर रहे थे.
मांग बढ़ाने का उपाय यही हो सकता है कि सरकारी क्षेत्र में नई नौकरियां देकर, निजी कर्मचारियों को टैक्स में राहत देकर और किसानों को पीएम-किसान जैसी योजनाओं से धन देकर उनकी खरीदने की क्षमता बढ़ाई जाए.
महामना ज्योतिबा फुले ने भारतीय समाज को आधुनिक बनाने के अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने हेतु 24 सितंबर, 1873 को ‘सत्य शोधक समाज’ की नींव रखी. सामाजिक न्याय की दिशा में ये एक बड़ा कदम था.
पश्चिम बंगाल चुनाव में वामपंथी दल और कांग्रेस खुरचन में हिस्सेदारी के लिए होड़ लगा रहे हैं. पूर्वी-मध्य भारत में माओवाद को कब्र में दफन कर दिया गया है, तो केरल में वे सरकार विरोधी दोहरी भावना से जूझ रहे हैं.