व्यापार पर अमेरिका के साथ कोई प्रगति नहीं हुई, ना ही अमेरिकी कंपनियां भारत में निवेश करना चाहती हैं, और साथ ही अमेरिका में मोदी को ये भी बताया गया कि इमरान ख़ान के साथ उनकी ‘अच्छी निभेगी’.
जीडीपी के अनुपात में निर्यात में ख़ासी गिरावट आई है. अगर इन प्रवृत्तियों को उलटा नहीं जाता और निर्यात को मजबूती नहीं दी जाती तो अर्थव्यवस्था का संकट दूर नहीं होगा.
न्यायमूर्ति कुरैशी की पदोन्नति को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान की गयी टिप्पणियां यह संकेत दे रही हैं कि कोलेजियम व्यवस्था मे सब कुछ ठीक नहीं है और इसमें ठोस सुधार की आवश्यकता है.
गौरतलब है कि पिछले दिनों अमित शाह ने एक कार्यक्रम में बिल्कुल प्राचीन इतिहास के नायकों की तरह कहा था कि औरतों की ‘इज्जत’ के लिए युद्ध भी करना पड़े तो करेंगे.
लाहौर सेंट्रल जेल में भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी की निश्चित तारीख 24 मार्च से एक दिन पहले ही सारे नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए शहीद कर दिया गया था.
उच्च शिक्षा प्राप्त नौजवानों में बेरोजगारी दर दुनिया में मौजूद बेरोजगारी दर से बहुत ज्यादा है. महिलाओंं में बेरोजगारी पुरुषों की तुलना में लगभग तिगुना ज्यादा है. बेरोजगारी थामने के उपाय नहीं हुये तो हालात विस्फोटक हो सकते हैं.
शरद पवार को निपटाए बिना बीजेपी के लिए अपने दम पर महाराष्ट्र की सत्ता पर कब्जा कर पाना मुमकिन नहीं होगा. मराठा राजनीति के इस सबसे बड़े नेता के लिए बीजेपी ने बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है.
जेडी (यू) के पास अभी भी लोकसभा में 12 और राज्य विधानसभा में 85 सदस्य हो सकते हैं, लेकिन नीतीश कुमार के बिना पार्टी के सामने नेतृत्व की बड़ी कमी खड़ी हो गई है.