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Thursday, 5 February, 2026
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क्या जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय एक बौद्धिक ‘एनिमल फार्म’ है

जेएनयू की प्रभावी बौद्धिकता देशवासियों से ही नहीं, सामान्य बुद्धि से भी दूर रही है. लंबे समय से वामपंथी दबदबे का रहस्य सामाजिक शिक्षा के राजनीतिकरण में है.

मुस्लिम, दलित व किसान जातियों के विरोध से चलती बीजेपी की राजनीति

एकात्म मानववाद सिद्धांत के मूल में मुसलमानों के खिलाफ सभी भारतीयों की विराट एकता की बात थी. लेकिन बीजेपी अब मुसलमान-विरोध से आगे बढ़ चुकी है. उसने समाज में नए अंतर्विरोध तलाश लिए हैं.

मोदी सरकार का आर्थिक सुस्ती के दौर में प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध का फैसला सही नहीं है

सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध को सरकार की परोक्ष स्वीकारोक्ति मानी जाए कि वह कचरा निस्तारण का एक सक्षम तंत्र बनाने में नाकाम रही है.

एनआरसी से किसी को कुछ नहीं मिला है, असम अपने जातीय संघर्ष को अब खत्म करना चाहता है

कोई भी एनआरसी की फाइनल सूची को स्वीकारने को तैयार नहीं है. लंबी चली प्रक्रिया का निष्कर्ष लोगों के सामने कई परेशानियां लेकर आया है.

महामारी के रूप में बदल रही है आत्महत्या करने की प्रवृत्ति, हर 40 सेकेंड पर मौत दे रही है दस्तक

विश्व स्वास्थ्य संगठन के पास उपलब्ध 2014 के डाटा के अनुसार भारत में सबसे ज्यादा आत्महत्याओं का कारण पारिवारिक उलझनें, शादीशुदा जिंदगी की उठापटक या फिर उससे जुड़े विवाद हैं.

इंटरनेट पर रोक की भारी कीमत चुका रहे हैं कश्मीर के लोग

शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य और कारोबार से लेकर यात्रा तक जीवन के हर क्षेत्र में इंटरनेट का समावेश है. इसे पानी, बिजली की तरह जीवन की बुनियादी सुविधाओं की सूची में शामिल माना जा सकता है.

अमित शाह का लोहिया और अनुच्छेद-370 पर बयान तथ्यों पर आधारित नहीं

लोहिया कहते थे कि 1947 में जो बंटवारा हुआ वह अप्राकृतिक था और कभी न कभी वह वक़्त आएगा कि जब भारत और पाकिस्तान मिलेंगे क्योंकि दोनों का एक ही इतिहास, भूगोल और संस्कृति है.

राम मंदिर पर फैसले का हाल कहीं दोशीपूरा कब्रिस्तान के फैसले जैसा न हो जाये

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर उच्चतम न्यायालय में सुनवाई की रफ्तार से उम्मीद बंधी है कि 134 साल पुराने भूमि विवाद पर जल्द ही फैसला आ जायेगा.

अर्थव्यवस्था के सुस्त पड़ने पर भी लोग मोदी के आर्थिक प्रदर्शन को सही क्यों ठहराते हैं

मोदी की लोकप्रियता में फेक न्यूज़ और गलत सूचनाओं के प्रसार की भूमिका पर भी चर्चा होनी चाहिए.

मोदी को अर्थव्यवस्था की बागडोर हाथ में लेनी होगी ताकि 80 के दशक जैसे हालात न बने

जब आर्थिक वृद्धि थम गई तो देश को अपने क्षेत्र में और इससे बाहर भी चीन के खिलाफ एक स्वाभाविक ढाल या आर्थिक मामले में अगला चीन शायद ही माना जाएगा

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कर्नाटक के विजयपुरा में कार सर्विस सेंटर में आग, 20 से अधिक वाहन जलकर खाक

विजयपुरा (कर्नाटक), पांच फरवरी (भाषा) कर्नाटक के विजयपुरा में बृहस्पतिवार तड़के एक कार सर्विस सेंटर में लगी भीषण आग में 20 से अधिक कारें...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.