जेएनयू की प्रभावी बौद्धिकता देशवासियों से ही नहीं, सामान्य बुद्धि से भी दूर रही है. लंबे समय से वामपंथी दबदबे का रहस्य सामाजिक शिक्षा के राजनीतिकरण में है.
एकात्म मानववाद सिद्धांत के मूल में मुसलमानों के खिलाफ सभी भारतीयों की विराट एकता की बात थी. लेकिन बीजेपी अब मुसलमान-विरोध से आगे बढ़ चुकी है. उसने समाज में नए अंतर्विरोध तलाश लिए हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के पास उपलब्ध 2014 के डाटा के अनुसार भारत में सबसे ज्यादा आत्महत्याओं का कारण पारिवारिक उलझनें, शादीशुदा जिंदगी की उठापटक या फिर उससे जुड़े विवाद हैं.
शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य और कारोबार से लेकर यात्रा तक जीवन के हर क्षेत्र में इंटरनेट का समावेश है. इसे पानी, बिजली की तरह जीवन की बुनियादी सुविधाओं की सूची में शामिल माना जा सकता है.
लोहिया कहते थे कि 1947 में जो बंटवारा हुआ वह अप्राकृतिक था और कभी न कभी वह वक़्त आएगा कि जब भारत और पाकिस्तान मिलेंगे क्योंकि दोनों का एक ही इतिहास, भूगोल और संस्कृति है.