देश अब अपने अंदर ज्यादा देख रहा है. तो सिस्टम उदार और ज्यादा प्रतिस्पर्द्धी कैसे होगी? प्रतिस्पर्द्धी जो प्रतिस्पर्द्धी नहीं उन्हें बाज़ार से बाहर कर रहे हैं. इस तरह तो अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन की नहीं होने वाली!
भारत कोई चीनीमिट्टी का नहीं बना है. करतारपुर साहिब का रास्ता खुल गया है और यह हम सबके लिए खुशी का मौका है. खालिस्तान की खातिर उन्माद भड़काने वाले टीवी को बंद करो.
इमरान इतिहास को जिस नजरिए से देखते हैं उसके मुताबिक, खून के प्यासे उदारवादी फासिस्टों ने गांवों पर बमबारी, ड्रोन से हमले और अमेरिकी नीतियों का समर्थन किया, जिनमें ‘दहशतगर्दी के खिलाफ जंग’ भी शामिल है.
शिवसेना महाराष्ट्र में हिंदुत्व की राजनीति की प्रतिनिधि पार्टी थी. बीजेपी से उसे उसकी जगह से बेदखल कर दिया है. अगर शिवसेना ने अपनी उग्रता पूरी तरह छोड़ दी, तो उसका अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा.
आरसीईपी के 11 देशों के साथ भारत का व्यापार घाटे में चलता है. भारतीय बाजारों में ज्यादा आने वाले विदेशी सामानों के कारण जो नुकसान होता इसका खयाल रखते हुए भारत ने इससे अलग रहने का निर्णय किया है.
अब जब चीन को बड़े दांव वाले युद्ध पर नज़र रखने में व्यस्त किया जा रहा है, यह छोटा पड़ोसी संघर्ष पाकिस्तान को भू-रणनीतिक युद्ध का ज़रूरी सबक सिखा सकता है.