पुराने तरीके की ‘टच-एंड-फील’ राजनीति में यकीन करने वाले नेता कोविड संकट के कारण वोटरों तक पहुंचने के अधिक तकनीकी तरीके अपनाने की दुविधा का सामना कर रहे हैं.
जिस देश में अभी भी अखबारों से जच्चा-बच्चा की मौत की खबरें गायब नहीं हुईं हैं वहां हम रेखा को उनके हाल पर नही छोड़ सकते थे. उनके अस्पताल पहुंचने के बाद ही हम अपनी रिपोर्टिंग में व्यस्त हुए.
लॉकडाउन ने प्रधानमंत्री को एक मौका दिया है कि गंगा की तस्वीर से उन गलतियों को निकाल फेकें और देश की जनता के सामने वह तस्वीर रखे जो वो वास्तव में चाहते हैं.
उत्तर प्रदेश में एक समय रोजगार के कई बड़े केंद्र थे, जो अब लगभग बर्बाद हो चुके हैं. अगर स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता चाहिए तो हमें उत्तर प्रदेश के उस गौरवशाली दौर से सीखना होगा.
बिना कोलेटरल के एमएसएमई लोन के लिए सरकार की 100 प्रतिशत सॉवरेन गारंटी, क़र्ज़दारों को ये रक़म कभी न लौटाने के लिए प्रोत्साहित करेगी, और बैंकों को भी भविष्य में उन्हें क़र्ज़ देने के लिए हतोत्साहित करेगी.
वैसे तो किसी को भी अपनी पसंद का कार्यक्रम देखने की आज़ादी है लेकिन सरकार जब विदेशी सीरियलों को आगे बढ़ाने लगे और अपने तंग नजरिए को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी ब्रॉडकास्टर का इस्तेमाल करे तो इससे मुश्किल पैदा हो जाती है.
नयी दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ‘‘आतंकवादी’’ संबंधी टिप्पणी के...