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Saturday, 31 January, 2026
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इस लॉकडाउन में जो चार सेक्सी पाकिस्तानी हमारा दिल बहला रहे, उनमें ताहर शाह तो हैं पर इमरान खान नहीं

पाकिस्तान के पास ‘वन पाउंड फिश मैन’, उड़ंतू टिकटॉक अंकल और विज्ञापन बनाने वाले वसीम हसन शेख तो थे ही, अब ताहर शाह लॉकडाउन से फैली मायूसी को भगाने में हमारी खूब मदद कर रहे हैं.

दो आंख, दो कान, एक नाक के आधार पर तबलीगी जमात और आरएसएस की तुलना न करें

दिप्रिंट में बुधवार को तबलीगी जमात और वीएचपी की तुलना किए जाने वाले रविकान्त चंदन के लेख पर आरएसएस पर पीएचडी करने वाले रतन शारदा ने उनके दावों को गलत बताया और उसका जवाब दिया है.

स्वास्थ्य क्षेत्र में गहराई तक जमी गैर-बराबरी और ठेकेदारी प्रथा कोरोना काल में आई सामने

कोरोना संकट ने अस्पतालों में कर्मचारियों के बीच गैर-बराबरी को एक बार फिर उजागर किया है. पिछले 30 सालों में समाज के हर कारोबारी हिस्से में ठेकेदारी प्रथा बढ़ी है और स्थाई रोज़गार कम हुये हैं. हेल्थ सेक्टर भी इसका अपवाद नहीं है.

कोविड-19: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई के बाद अदालत की कार्यवाही की ऑडियो रिकार्डिंग उपलब्ध होने की उम्मीद

वीडियो कांफ्रेंसिंग से मुकदमों की सुनवाई और ऑडियो रिकार्डिंग वेबसाइट पर अपलोड करने की व्यवस्था के मूर्तरूप लेने से देश की न्याय प्रणाली में क्रांतिकारी सुधार लाना संभव हो सकेगा.

लॉकडाउन के बाद कैसे होगी प्रवासी मजदूरों की ससम्मान वापसी

प्रवासी मज़दूरों की आवाजाही कोई नई घटना तो है नहीं लेकिन ना तो सत्तर बरसों में और ना पिछले छह बरस में इनके लिए कोई प्रभावी कानून बना.

डायबिटीज़ के मरीजों के लिए कोविड-19 है खतरनाक, जानें लॉकडाउन के दौरान शुगर कैसे करें नियंत्रित

एंड्रोक्राइनोलॉजिस्ट अंबरीश मिठल कहते हैं अगर आप स्मार्ट हैं तो सिर्फ बेसिक्स को फॉलो करें और आसान इंटरनेट की तकनीक का उपयोग करते हुए आप डायबिटीज़ के विजेता बन सकते हैं

सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय का नारा बीएसपी का है या बीजेपी का

बीजेपी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से 14 अप्रैल को लगातार कई ट्वीट खुद को सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय के लिए प्रतिबद्ध बताया.

‘तिहरे’ बोझ के कारण भारत के गरीब राज्य कोविड-19 के गहन प्रकोप को नहीं झेल पाएंगे

निर्धनतम राज्यों पर समृद्ध राज्यों की तुलना में संचारी रोगों का अधिक बोझ है और यह कोविड-19 के श्वसन संबंधी संक्रमण के संदर्भ में चिंता की बात है.

अगर रविंद्र जडेजा का बल्ला राजपूताना है तो क्या पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बैट तैमूरी हैं

आंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर जडेजा की क्लिप को एक लाख से अधिक लोगों द्वारा देखा जाना इस बात को दर्शाता है कि हम आंबेडकर के जातिविहीन समाज के सपने से बहुत दूर खड़े हैं.

आप इसको कैसे भी देखें- लॉकडाउन-2 जितने लोगों की जान बचाएगा उतने ही लोगों की जान लेगा भी

प्रधानमंत्री ने जिस दूसरे चरण के लॉकडाऊन की घोषणा की है उसके फायदों पर उसके नुकसान कहीं ज्यादा भारी पड़ने वाले हैं. सरकार को भोजन और सुरक्षा का आश्वासन देना चाहिए.

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स्विस रिपोर्ट: अब ऑपरेशन सिंदूर बहस को खत्म कर देना चाहिए. यह जानना भी अहम है कि लड़ाई कब रोकनी है

किसी भी युद्ध को जीतने तो क्या, शुरू करने की कुंजी यह होती है कि उसका लक्ष्य स्पष्ट हो. यह पूरी तरह से राजनीतिक विषय होता है. यह न तो भावनात्मक मामला होता है, और न ही शुद्ध रूप से सैन्य मामला.

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राजनीति

देश

बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए जेयूपी, कांग्रेस और माकपा के साथ गठबंधन के लिए तैयार: कबीर

कोलकाता, 31 जनवरी (भाषा) जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने शनिवार को कहा कि वह पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.