scorecardresearch
Saturday, 31 January, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

सीएए विरोधी प्रदर्शन, दिल्ली हिंसा, कोविड-19 के दौरान तबलीगी जमात के आयोजन की खबर देने में खुफिया एजेंसी नाकाम क्यों रहीं

नागरिकता संशोधन कानून का विरोध, दिल्ली में हिंसा, कोरोनावायरस के दौरान मरकज में तब्लीगी जमात का आयोजन और पालघर में साधुओं की हत्या कुछ ऐसा ही संकेत देती हैं.

बिहार, बंगाल के प्रवासी मजदूर यूपी, एमपी के मजदूरों जितने भाग्यशाली नहीं हैं

अरविंद केजरीवाल और उद्धव ठाकरे तो प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजने को तैयार हैं मगर नीतीश कुमार लॉकडाउन के भंग होने का तर्क देकर उन मजदूरों को अपने राज्य में लौटने से लगातार रोक रहे हैं.

योगी आदित्यनाथ मोदी के निकटतम राजनीतिक क्लोन और संभावित उत्तराधिकारी बनकर उभरे हैं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने के फैसले को काम के प्रति उनके समर्पण और प्रशासनिक कुशलता के पक्के सबूत के तौर पर पेश किया जा रहा है.

लॉकडाउन के बीच आरक्षण समीक्षा की बात सुप्रीम कोर्ट की मंशा पर सवाल खड़े करती है

सुप्रीम कोर्ट के पिछले कुछ निर्णयों की वजह से दलितों को आंदोलन करते हुए सड़कों पर उतरना पड़ा था और उसके बाद कोर्ट को अपने निर्णयों में सुधार भी करना पड़ा है.

कोविड-19 पर एकजुटता में दरार पैदा करेगा ‘संघीय ढांचे’ के नाम पर ममता बनर्जी का द्वन्द

क्या वाकई केंद्र की मोदी सरकार ममता सरकार के साथ सहयोग नहीं कर रही अथवा ममता सरकार ही अपनी जवाबदेही से बचने की कोशिश में हैं ? इन सवालों को समझना जरुरी है.

अगर चमगादड़ से आया है कोरोनावायरस, तो भी उसे मत मारिए

दुनियाभर में पाये जाने वाले सभी जीव-जन्तुओं में, चमगादड़ ही एकमात्र स्तनधारी जीव है जो उड़ने में सर्वाधिक सक्षम है.

कोविड-19 अर्थव्यवस्था की अतार्किकताओं को सुलझाने का मौका दे रहा है

उथलपुथल में पड़ी अर्थव्यवस्था की हकीकत का सामना होने पर आज हमें नाप में जो छोटा जूता पहनने के लिए मजबूर होना पड़ा है वह हमारे पैरों को अलग तरह से काटेगा. 

कोरोनावायरस ने सर्वशक्तिमान केंद्र की वापसी की है और मोदी कमान को हाथ से छोड़ना नहीं चाहेंगे

भारत आज अगर आंतरिक तथा बाह्य रूप से ज्यादा सुरक्षित है तो इसमें दशकों तक संघीय व्यवस्था में रहने का भी कुछ योगदान तो है ही.

आंबेडकर से निकटता दिखाने के लिए झूठ और प्रपंच का सहारा ले रहा है संघ

आरएसएस अपनी बातों के समर्थन में दत्तोपंत ठेंगड़ी की लिखी किताब और अपनी पत्रिका ऑर्गनाइजर के 2019 के लेख आदि को प्रमाण के तौर पर पेश करता है, जिसकी कोई विश्वसनीयता नहीं है.

अगर कनाडा के नागरिक अक्षय कुमार भारतीय हैं तो सोनिया गांधी क्यों नहीं

जो लोग सोनिया गांधी पर निजी हमले उनके विदेश में पैदा होने की वजह से करते हैं. वही लोग अक्सर सिर्फ विदेशों की नागरिकता हासिल किए भारतीयों की उपलब्धियों पर गर्व महसूस करते हैं.

मत-विमत

स्विस रिपोर्ट: अब ऑपरेशन सिंदूर बहस को खत्म कर देना चाहिए. यह जानना भी अहम है कि लड़ाई कब रोकनी है

किसी भी युद्ध को जीतने तो क्या, शुरू करने की कुंजी यह होती है कि उसका लक्ष्य स्पष्ट हो. यह पूरी तरह से राजनीतिक विषय होता है. यह न तो भावनात्मक मामला होता है, और न ही शुद्ध रूप से सैन्य मामला.

वीडियो

राजनीति

देश

‘यह कश्मीर नहीं है’: उत्तराखंड में नाबालिग शॉल बेचने वाले पर सांप्रदायिक हमला, लोहे की रॉड से वार

बुधवार को देहरादून के विकासनगर इलाके में दो भाइयों पर हमला होने के बाद खतरे की घंटी बज गई है, क्योंकि उन्होंने एक दुकानदार को अपनी कश्मीरी मुस्लिम पहचान बताई थी.

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.