कोई आकर्षक अल्पकालिक स्कीम, जिसमें सेना के प्रशिक्षण तथा कार्य मानकों और व्यक्ति की जरूरतों के बीच संतुलन बनाया गया हो, रक्षा बजट के प्रबंधन का सबसे कम खर्चीला उपाय साबित हो सकती है लेकिन असली चीज़ यह है कि मोदी सरकार इसकी क्या-क्या शर्ते तय करती है.
अपने रिटायरमेंट के बाद से शाहिद अफरीदी अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए चर्चा में रहे हैं, लेकिन उनकी कश्मीर नीति उनके क्रिकेटिंग करियर की तरह ही उतार-चढ़ाव वाली है.
कोरोनावायरस की वजह से चीन को दुनिया ने दरकिनार किया है और डोनाल्ड ट्रंप ने कोविड-19 के लिए पूरी तरह से चीन को दोषी ठहराया है और खुलेआम खिलाफत की है उसके बाद चीन बौखलाया हुआ है.
देश में बढ़ती आबादी को लेकर उच्चतम न्यायालय भले ही समय-समय पर चिंता व्यक्त करता रहा है लेकिन इस स्थिति से निपटने के लिये कानून बनाने जैसा कोई निर्देश या सुझाव उसने अभी तक सरकार को नहीं दिया है.
फ्रांस की संसद में अब एक कानून है जिसके तहत सोशल मीडिया और ट्विटर, फेसबुक व गूगल जैसी टेक कम्पनियों के लिए अनिवार्य है कि फ्लैग किए जाने के 24 घंटे के भीतर, नफ़रत भरी सामग्री हटा लें.
राष्ट्रीय स्तर की इस भयावह मानवीय त्रासदी के प्रति मोदी सरकार ने जो शर्मनाक रवैया अख्तियार किया, उसे ‘असंवेदनशील’ भर कहना स्थिति की वास्तविकता से मुंह फेरना होगा.
अयोत्तिदास ने भी दलितों की हिंदुओं से पृथक पहचान बनाने पर जोर दिया था. उन्होंने ब्रिटिश सरकार से दलितों के लिए राजनीतिक अधिकार मांगे और 1898 में बौद्ध धम्म स्वीकार कर लिया.
विधानसभा चुनाव सिर पर होने के बावजूद बिहार के लाखों प्रवासी मजदूरों को लेकर प्रदेश के सत्ताधारी गठबंधन में उस तरह की चिंता नहीं दिख रही है, जो सामान्यत: होनी चाहिए. क्या हो सकती है इसकी वजह?