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Friday, 30 January, 2026
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भारत में ‘गन्स, जर्म्स और स्टील का संकट’ है, लेकिन भारतीय उद्योग जगत ख़ामोश है

भारतीय उद्योग ने निजी तौर पर, आवाज उठाने के लिए राजीव बजाज की प्रशंसा की, लेकिन लॉकडाउन के लिए मोदी सरकार की आलोचना करने की बजाय, पूरे तीन महीने नुक़सान सहना पसंद किया.

मोदी सरकार के झटपट लाए गए तीन अध्यादेशों से खेती को तो फायदा हो सकता है पर किसानों को नहीं

अगर सरकार किसानों के फायदे के लिए खेती-बाड़ी से संबंधित कानूनों में सचमुच ऐतिहासिक बदलाव ही लाना चाहती थी तो उसे इन कानूनों पर संसद और सर्वजन के बीच बहस और जांच-परख से कन्नी काटने की क्या जरूरत थी?

पाकिस्तान में सिंथिया रिचि के आरोप कोविड से बड़ा मुद्दा हैं, ऐसा ही इमरान खान चाहते भी हैं

कोरोना महामारी और आर्थिक संकट से निबटने में नाकाम हो रही इमरान खान सरकार और फौजी हुक्मरान लोगों के ध्यान भटकाने की पुरानी चाल आजमाने में जुटे.

ब्रिटेन में गुलाम व्यापारी कोल्सटन की मूर्ति टूट गई, भारत में अब मनु की मूर्ति का क्या होना चाहिए

कोल्सटन की तरह ही क्या दलितों, नीच कही जाने वाली जातियों और महिलाओं के लिए घृणा के पात्र मनु की मूर्ति को भी राजस्थान हाईकोर्ट परिसर से हटाकर उसी तरह नष्ट कर दिया जाए या पानी में या कूड़ेदान में फेंक दिया जाए, लेकिन नहीं, इतिहास के सबसे बुरे और क्रूर अध्यायों को भी शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए, बचाकर रखना चाहिए.

बिहार में भाजपा को जितनी जल्दी हो सके नीतीश कुमार का साथ छोड़ देना चाहिए

मुख्यमंत्री के नाते नीतीश कुमार का ख़राब प्रदर्शन, राज्य में बीजेपी की छवि को पीछे खींच रहा है.

मानसून की पहली बारिश में ही डूबेगा आधे से ज्यादा देश जिसमें बह जाएंगी पलायन करते मजदूरों की तस्वीरें

मानसून का आगमन होने ही वाला है. बाढ़ की विभीषिका की नई तस्वीरें सामने आएगी. हम लोग उन तस्वीरों को देखकर च्च..च्च..च्च.. करेंगे और मजदूरों के पलायन की तस्वीरें धीरे-धीरे धुंधला जाएगी.

भारत कोविड संकट के बाद वैश्विक शक्ति बनकर उभर सकता है जिसका कि दुनिया को इंतज़ार है

भारत को अपनी अर्थव्यवस्था और सैन्य ताकत को सुदृढ़ करने के लिए मज़बूत नेतृत्व और निर्णायक कार्रवाइयों की ज़रूरत है. राष्ट्रवाद की बातों भर से काम नहीं चलेगा.

सीपेक चीन-पाकिस्तान का भ्रष्टाचार गलियारा है, यह भारतीय सुरक्षा को नए तरीके से चुनौतियां दे रहा है

पैंगोंग में पहली झड़प हंदवाड़ा हमले की तीन दिन बाद हुई. ये एक संयोग हो सकता है. पर पाकिस्तान की निर्णय प्रक्रिया पर चीन की विशिष्ट छाप संभव है.

हाथी हो या गाय- हिंदुत्ववादियों को उनकी हत्या की परवाह नहीं, ये बस राजनीतिक रोटियां सेंकने का बहाना है

हिंदुत्व ब्रिगेड को गोवध या पशुओं की बलि देने में कोई परहेज नहीं है बशर्ते इससे दलित, मुसलमान, ईसाई या आदिवासी जुड़े हों, यानी उनका विरोध और शोर शराबा नकली है.

भारत-चीन सीमा विवाद: अमेरिका को तवज्जो देकर क्या हम अपने पड़ोस में मुसीबत खड़ी कर रहे हैं

पाकिस्तान और चीन से ही नहीं, नेपाल, श्रीलंका व बंगलादेश जैसे पड़ोसी देशों के साथ भी हमारे संबंध अच्छे नहीं हैं. क्या इसके लिए हम एकतरफा तौर पर सारा ठीकरा इन पड़ोसी देशों पर ही फोड़कर अपना पल्ला झाड़ सकते हैं?

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अजित पवार की मौत ने भारतीय राजनीति में एक और ‘क्या होता अगर’ वाली बहस छोड़ दी है

दीन दयाल उपाध्याय की हत्या और माधवराव सिंधिया के प्लेन क्रैश से लेकर गांधी परिवार की हत्याओं तक, राजनीति में जो कुछ भी होता है, उसका हिसाब-किताब से कम और किस्मत से ज़्यादा लेना-देना होता है.

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लापता स्वरूपों का मामला: एसजीपीसी ने एसआईटी को रिकॉर्ड मुहैया कराया

चंडीगढ़, 29 जनवरी (भाषा) शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने पंजाब पुलिस के एक विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.