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Thursday, 26 February, 2026
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किसानों के लिए मोदी का सब कुछ दांव पर, कृषि सुधार से आ सकती है नई हरित क्रांति, ट्रंप को मिलेगा जवाब

अमेरिका को चुनौती देना भारत के किसी नेता के लिए आमतौर पर निजी जोखिम नहीं होता. विदेशी दबाव की बात आते ही देश एकजुट होकर उस नेता के साथ खड़ा हो जाता है जिसे वे इस लड़ाई में अपना अगुआ मानते हैं.

काकोरी एक्शन के 100 साल: इतिहास के पन्नों से गायब वह सात क्रांतिकारी

राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला और चंद्रशेखर आज़ाद के साथ सात और वीर थे, जिनके नाम शायद आपने कभी नहीं सुने.

मोहम्मद सिराज — पासमांदा मुसलमानों के हीरो

सिराज जैसा नाम राष्ट्रीय गर्व के साथ लिया जाना अपने आप में एक हल्की-सी क्रांति है. उनकी सफलता इस बात का सबूत मानी जा रही है कि मज़दूर वर्ग से जुड़े पासमांदा बैकग्राउंड के लोग भी इस मुकाम तक पहुंच सकते हैं.

कोई नहीं जानता, ‘स्किल इंडिया’ कार्यक्रमों के 48,000 करोड़ कहां चले गए

हुनर विकास की योजनाओं पर हज़ारों करोड़ खर्च करने के बाद भी सभी उपक्रमों में हुनरमंद कर्मचारियों की भारी कमी बनी हुई है, जबकि बेरोज़गारी बढ़ती जा रही है.

भारत US से रक्षा संबंधों को अहम मानता है, लेकिन MAGA टैरिफ इस साझेदारी को कमजोर कर सकते हैं

भारत के रणनीतिक फैसलों से संकेत मिलता है कि अमेरिका के दोहरेपन के बारे में भारत व्यावहारिक समझ रखता है. अमेरिका-भारत रक्षा सहयोग में तेजी आई है लेकिन भारत कई सैन्य सप्लायरों को चुन रहा है.

ट्रंप की पावर पॉलिटिक्स में भारत की एक कमजोरी—एक्सपोर्ट में कोई ऐसी चीज़ नहीं है जो अनोखी हो

व्यापार शुल्क का इस्तेमाल पहले जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों ने उद्योग को बढ़ावा देने या रोकने के लिए किया था.

प्रियंका से शर्मिला और कनिमोझी से मीसा तक — कविता एक बड़ी लड़ाई लड़ रही हैं

BRS नेता कविता तब से आहत हैं जब से उनकी वह चिट्ठी ‘लीक’ हुई, जिसमें उन्होंने अपने पिता से बीजेपी पर नरम रुख अपनाने पर सवाल किया था.

अमेरिका और पाकिस्तान का ‘रोमांस’ तो पहले से है, फिर भारत को इतनी तकलीफ क्यों?

मुझे नहीं लगता कि भारत-अमेरिका के रिश्ते इतने बिगड़े हैं कि ठीक न हो सकें. ट्रंप से निपटने के तरीके हैं, भले ही इस साल पाकिस्तान हमसे आगे निकल गया हो.

ट्रंप को लेकर भारत का रुख भावनात्मक है. टैरिफ से हुआ नुकसान मानसिक है

भारत बार-बार ‘महाशक्ति’ के भ्रमजाल में फंस जाता है. सोचिए 1950 का दशक, जब नई दिल्ली ने अपनी असल संभावनाओं को वास्तविक शक्ति समझ लिया और 1962 में चीन ने उसे ज़मीन पर ला दिया.

ड्रोन में चीन दुनिया का लीडर, पाकिस्तान बराबरी पर—भारत को UAS पर ज़ोर देना चाहिए

हाई टेक्नोलॉजी वाले पुराने वेपन सिस्टम्स की खरीद की समीक्षा की जाए. ड्रोनों के युग में 10 करोड़ डॉलर मूल्य के अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर का क्या काम?

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मुसलमानों को ‘गोली मारने’ वाले हिमंत बिस्वा सरमा के वीडियो पर कानून क्या कहता है

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?

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राजनीति

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आत्मसमर्पण के एक दिन बाद, वरिष्ठ माओवादी नेता अपने परिजन से मिले

हैदराबाद, 25 फरवरी (भाषा) तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने के एक दिन बाद थिप्पिरी तिरुपति उर्फ ​​देवूजी और अन्य वरिष्ठ माओवादी नेताओं का...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.