अपने ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट का पाकिस्तान के गोल्ड मेडलिस्ट से होड़ लेने पर शांत रहने और पाकिस्तान के साथ एक सामान्य क्रिकेट टूर्नामेंट खेलने पर तूफान खड़ा करने का पाखंड तीन बातें उजागर करता है.
भारतीय सरकार ने जनता का मनोबल शांत करने की कोशिश की, जैसे कि कहा ‘ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है’, लेकिन साफ है कि ऐसा नहीं है. वरना हम दुश्मन के साथ क्रिकेट क्यों खेल रहे होंगे?
इसमें बहुत कम शक है कि इंग्लैंड की राजनीति का बिखराव इतनी तेज़ी से हो रहा है, जिसकी उम्मीद बहुत कम लोगों ने की थी. भले ही आंकड़ें दिखाते हैं कि इमिग्रेशन घट रहा है, लेकिन इस मुद्दे पर चिंता 1974 के बाद से सबसे ऊंचे स्तर पर है.
उत्तर-पूर्व के लोगों को दिखावटी बातों से आसानी से रिझाया नहीं जा सकता, इस हकीकत से नेहरू का तो सामना तभी हो गया था जब 1953 में 3000 नगाओं ने उनकी सभा का बहिष्कार कर दिया था.
भारतीय नौसेना के एक इंजीनियर से लेकर मुरादाबाद के एक डेंटल छात्र तक, जासूसी के मामले अब स्मार्टफोन स्क्रीन और सोशल मीडिया वेबसाइटों की ओर रुख कर रहे हैं.