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Sunday, 1 February, 2026
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मुनीर ‘अच्छे जिहादी-बुरे जिहादी’ का खेल खेल रहे हैं, आत्मघाती हमला दिखाता है कि वे बाजी हार रहे हैं

आसिम मुनीर से पहले जितने जनरल हुए, उन सबको यही सबक मिला कि पाकिस्तानी जिहादवाद को अपनाना खतरनाक ही साबित हुआ है, और यह ज़्यादातर समय बस थोड़े वक्त का ही प्रयास रहा.

होसबोले, धनखड़, शिवराज और हिमंत ने मोदी को BJP के संविधान में बदलाव करने की एक और वजह दी

समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता ऐसे शब्द हैं जिन्हें भाजपा नेता न पूरी तरह अपनाना चाहते हैं और न ही खुले तौर पर नकार पा रहे हैं. इसी उलझन की वजह से पार्टी अब इन विचारों का अपना मतलब गढ़ने की कोशिश कर रही है और वह भी थोड़े अटपटे और बेतुके तरीके से.

इज़राइल-अमेरिका की ‘एयर पावर’ ने ईरान को युद्ध नहीं, बल्कि शासन बचाने का रास्ता अपनाने पर मजबूर किया

ईरान ने अमेरिका से इसका बदला लेने का संकल्प लिया, लेकिन उसने बैलिस्टिक मिसाइलों से मुख्यतः इजरायल को ही निशाना बनाया. इजरायल ने भी परमाणु अड्डों और सैन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाते हुए हवाई हमले लगातार जारी रखे.

न्यूयॉर्क, नया कॉमरेड: मेयर ज़ोहरान ममदानी और उनका देसी समाजवाद

ममदानी की मान्यताएं, गज़ा के लिए उनका समर्थन, मोदी या नेतन्याहू के प्रति उनकी नापसंद आदि की वजह से भारत में कई लोग उनके उत्कर्ष को एक और ‘भारतीय विजय’ के रूप में नहीं मना सकते हैं.

वाइट रिवॉल्यूशन—कैसे शास्त्री के NDDB ने किसानों को केंद्र में रखने वाली अर्थव्यवस्था की नींव रखी

1964 में गुजरात के दौरे ने लाल बहादुर शास्त्री को त्रिभुवनदास के. पटेल द्वारा स्थापित और वर्गीज़ कुरिएन द्वारा कुशलता से प्रबंधित डेरी के सहकारी मॉडल के लाभों के बारे में कायल कर दिया था.

गुप्त जोड़तोड़ में लगे रूस और चीन अमेरिकी हमलों के बाद क्या करेंगे ईरान का समर्थन

रूस और चीन इस स्थिति में हैं कि संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी जैसी बहुपक्षीय संस्थाओं के जरिए वैश्विक प्रयास का नेतृत्व कर सकें.

ईरान-इज़राइल के लिए सबक: 1969 के सोवियत संघ-चीन संघर्ष से क्या सीखना चाहिए

सोवियत संघ के साथ टकराव में चीन ने यह सीखा कि अगर किसी देश के पास नया और कमजोर परमाणु हथियार भंडार हो, तो वह किसी बड़ी ताकत को डराकर रोक नहीं सकता.

ईरान की क्रूर हुकूमत को कीमत चुकानी पड़ रही है, लेकिन अमेरिकी हमले का असर दूर तक हो सकता है

कई लिहाज़ से कमजोर होने के बावजूद ईरान दूसरों को धमकियां देता रहा है और गिर-जिम्मेदाराना हरकतें करता रहा है, लेकिन आतंकवादी रणनीति आपको यहीं तक पहुंचा सकती है.

ट्रंप की मेहमाननवाज़ी के बावजूद असिम मुनीर अमेरिकी शांति बनाए रखने के लिए सस्ते सिपाही नहीं बनेंगे

फील्ड मार्शल असिम मुनीर के प्रति ट्रंप की बेहद गर्मजोशी भरी मेज़बानी ने भारत में काफी चिंता पैदा की है. 26/11 के बाद पहली बार ऐसा लग रहा है कि अमेरिका इस्लामाबाद की ओर झुकता दिख रहा है.

भारत एक बार फिर पाकिस्तान के साथ खुद को रि-हाइफ़नेट कर रहा है, अब ज़रूरत है एक नई 3D रणनीति की

चीन और पाकिस्तान की मजबूत रणनीतिक मिलीभगत का सामना करने के लिए भारत को तैयार रहना होगा. आदर्श स्थिति तो यही होगी कि उनसे एक-एक करके निबटना पड़े.

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उप्र : हाथरस में आरएसएस के जिला प्रचारक पर हमला, दो आरोपी गिरफ्तार

हाथरस, एक फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के जिला प्रचारक पर रविवार सुबह कथित तौर पर...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.