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Wednesday, 28 January, 2026
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कोरोनावायरस महामारी का ‘अंत’ कब होगा? फरवरी 2021 में

ये वैज्ञानिकों की बुद्धिमता है कि वे महामारी के अंत की भविष्यवाणी के खेल में नहीं पड़ते क्योंकि यह अनेक कारकों पर निर्भर करता है.

चीन-पाकिस्तान के बीच खुफिया साझेदारी भारत के लिए चिंताजनक, गलवान विवाद से पहले चीनी सेना को सूचना देने की बात आ रही है सामने

एक रिपोर्ट से संकेत मिले हैं कि लद्दाख के गलवान में चीन और भारत की सेनाओं के बीच तनातनी से पहले पाकिस्तान ने चीन को खुफिया सूचनाओं की साझेदारी के आपसी समझौते के तहत कुछ गुप्त सूचनाएं जरूर दी होंगी.

न मोदी और न ही योगी, भाजपा के लिए उत्तर प्रदेश में 2022 का चुनाव राम बनाम बाकी सबका होगा

निष्कर्ष यही है कि राम 2022 के यूपी चुनाव में भाजपा का प्रमुख कार्ड बनने जा रहे हैं लेकिन यह मोदी-शाह की सबसे सशक्त तरकीब ‘यह बनाम वह’ का ही हिस्सा है.

गैर-महत्वपूर्ण सेक्टरों से मोदी सरकार का हाथ पीछे खींचना क्यों अच्छा कदम है

बाज़ार में सरकार का दखल कभी कभार तो चल सकता है मगर यह नियम नहीं बनना चाहिए. विनिवेश की ताज़ा पहल सही दिशा में उठाया गया कदम है. 

कपिल सिब्बल की पब्लिक लिमिटेड कंपनी में राहुल गांधी क्यों फिट नहीं बैठते हैं

सिब्बल जैसे अडिग आशावादियों के लिए ही वर्षों पहले काशीनाथ सिंह ने अपनी किताब ‘काशी का अस्सी ’ में लिखा था: ‘कांग्रेस का हुक्का तो कब का बुझ गया, एक हम हैं कि गुरगुराए जा रहे हैं.’

अनुच्छेद-370, सीएए, तीन तलाक और राम मंदिर मोदी की ‘स्थायी क्रांति’ का केवल एक चक्र है

विपक्ष यदि यह सोच रहा है कि सांस्कृतिक राष्ट्रवादी मुद्दे खुद ब खुद हाशिये पर चले जाएंगे और भौतिक मसले फिर केंद्र बिंदु बन जाएंगे तो उसे काफी लंबे समय तक इंतजार करना होगा.

लाइट्स, कैमरा, जाति- हिंदी सिनेमा में आजादी के 38 साल बाद आम्बेडकर की तस्वीरों को जगह मिली

जे ओम प्रकाश डॉ. आम्बेडकर की तस्वीर को अपनी फिल्म में जगह देते हैं. जिसे वह केबिन में ऑफिस की कुर्सी के ऊपर दीवार पर टंगा दिखाते हैं.

जल शक्ति मंत्रालय की हर घर जल योजना में पानी के साथ आर्सेनिक भी घर-घर पहुंचेगा

आर्सेनिक गंगा तट पर मौजूद भूमिगत जल में है. यह हजारों साल पहले हिमालय से बहकर आया एक सेमी मेटिलिक तत्व है, जो आयरन, कैल्शियम, कॉपर आदि के साथ क्रिया करता है.

कांग्रेस की खारिज की जा चुकी नीतियों को मोदी सरकार अपना रही है लेकिन वो अब भी काम नहीं आएंगी

खारिज की जा चुकी नीतियों को वापस लागू करने के नतीजे अच्छे न मिले हों, यह कोई पहली बार नहीं हुआ है. यह सरकार सोचती है कि वह बेहतर नतीजे हासिल कर लेगी.

राम मंदिर के साथ मोदी ने सेक्युलरिज्म को अपना नया रंग दिया, हिंदू वोटर सोनिया के लेफ्ट वर्जन से तंग आ चुके हैं

राम मंदिर भूमि पूजन से भारतीय धर्मनिरपेक्षता की मौत नहीं हुई है. वह तो हमारे संविधान के बुनियादी ढांचे में ही मौजूद है और उसकी रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहना जरूरी है. 

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डीपीआईआईटी ने डिजाइन कानून में बदलाव के किए प्रस्ताव, टिप्पणियां मांगी

नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने मौजूदा डिजाइन कानून में बदलाव का प्रस्ताव किया है। इसका...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.