पश्चिमी देशों में झूठी खबरें अक्सर छोटे या अनजान न्यूज़ पोर्टल से शुरू होती हैं. लेकिन भारत में मेनस्ट्रीम मीडिया भी झूठी खबर छाप या दिखा देता है जो कि सोशल मीडिया पर वायरल हो जाती हैं.
भारत में एमएसएमई में नॉलेज मैनेजमेंट का स्तर लगभग शून्य है. इस देश में अगर एमएसएमई टिके हुए हैं तो सिर्फ इसलिए कि भारतीय अर्थव्यवस्था में कंज्यूमर डिमांड का विस्तार अभी शुरुआती दौर में है.
रिटायर्ड ले. जन. आसिम बाजवा और उनका परिवार, अपने पीज़्ज़ा साम्राज्य को लेकर निशाने पर हैं, लेकिन पाकिस्तान के डिजिटल प्रचार में उनके ‘योगदान’ से, कोई इनकार नहीं कर सकता.
माफी दिल से उपजे तो ही सच्ची माफी होती है, माफी मांगने के लिए बाहर से कोई मांग नहीं होनी चाहिए. लेकिन प्रशांत भूषण के मामले में सुप्रीम कोर्ट में ये बात नहीं हो रही थी.
जन्मदर में गिरावट के कारण आबादी का स्वरूप बदलेगा और नई चुनौतियां पैदा होंगी जिनका शहरीकरण को बढ़ावा देकर और कई तरह की खाइयों को पाट कर ही सामना किया जा सकता है.
उथली हुई गंगा में बड़े जहाजों चलाने के लिए सरकार ड्रेजिंग को आवश्यक बताती है. लगातार ड्रेजिंग का मतलब है गंगा के डॉल्फिन के सबसे बड़े हैबीटेट विक्रमशिला सेंचुरी में ही उसकी कब्र खोद देना.
जब वामपंथी दल आक्रामक तरीके से हिंदू वोटों में सेंध लगा रहे हैं, तो बीजेपी के लिए तुरंत फायदा अपने कोर वोट बैंक को मजबूत करने में हो सकता है, उससे पहले कि वह अपना दायरा और फैलाए.