1959 में किए गए दावे के अनुसार जो ‘क्लेम लाइन’ है वह अक्साइ चीन के अलावा चीनी सेना ‘पीएलए’ द्वारा 1962 के युद्ध से पहले और उसके दौरान कब्जा किए गए क्षेत्रों के मामले में भारत के लिए सभी सामरिक विकल्प समाप्त करती है.
अगर आपका अपहरणकर्ता–पति कहता है कि आप 18 की हैं, या आपका पहला पीरियड हो चुका है, तो पाकिस्तान में नौजवान लड़कियों के अपहरण-धर्मांतरण को लेकर, फिर और सवाल नहीं पूछे जाते.
सांस्कृतिक राष्ट्रवादियों की दृष्टि अपनी पार्टी का प्रचार, पार्टी नेताओं की पूजा-आरती और दूसरों की निंदा से आगे कभी नहीं जा सकी. यदि वे धर्म और संस्कृति को सर्वोपरि समझते तो उनका रिकॉर्ड बहुत भिन्न रहा होता.
दिल्ली दंगों के बारे में दिल्ली पुलिस की चार्ज शीट पढ़ें और ज़ेहन में कोई सवाल आए तो उसे परे झटक दीजिए क्योंकि तथ्य की बात करेंगे तो कहानी का मज़ा किरकिरा हो जाएगा.
मस्जिदों से यूपीएससी कोचिंग संस्थान का संचालन देखने-सुनने में बुरा लग सकता है, लेकिन यह अपर्याप्त धर्मनिरपेक्षीकरण का नतीजा है, नकि धर्मनिरपेक्ष शासन में घुसपैठ की कोई शैतानी साजिश.
भारत की चेतावनी एकदम साधारण-सी है, यदि चीन एलएसी पर आक्रमण करता है तो भारत के साथ संबंध बिगड़ने की कीमत चुकाएगा. लेकिन कीमत क्या होगी यह तय न होने से इसकी विश्वसनीयता पर भी सवाल उठते हैं.
पश्चिम बंगाल को, जहां अगले वर्ष चुनाव होने हैं, बताया जाना चाहिए, कि अगर बीजेपी जीत जाती है, तो ममता बनर्जी की जगह कौन लेगा, और नरेंद्र मोदी सिर्फ एक प्रभाव का काम करेंगे, वो प्रचार को नहीं चलाएंगे.
आज की सियासत में मुग़ल-विरोधी होना, दरअस्ल मुसलमान-विरोधी भावना को शिष्ट तरीक़े से व्यक्त करना है. इसका न तो इतिहास से कोई लेना-देना है, और न ही योगी आदित्यनाथ की इतिहास की समझ से.
लोकतंत्र के मंदिर संसद में आधा सच या आधा झूठ बोलने के लिए किसी एक मंत्री को हम दोष न दें. आखिर, लोगों को तो कोई शिकायत नहीं है. प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता बुलंद है. इसलिए, ‘उत्तर-सत्य’ दौर की राजनीति की हकीकत को कबूल करना सीखिए.
पंच का अपने प्लश टॉय से लगाव उसके देश से नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले आराम से है. इसी तरह, ग्राहक जियोपॉलिटिकल लेबल से ज्यादा भरोसे और डिजाइन को प्राथमिकता देते हैं.