‘नक्सलवादी’, ‘आतंकी समर्थक’, ‘चीन-पोषित माओवादी’, ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ जैसे अलंकरणों वाले व्यापक दुष्प्रचार के बावजूद सीपीआई (एमएल) लिबरेशन ने बिहार में 12 सीटें जीती हैं.
हम घंटों इस बात पर बतियाते रह सकते हैं कि कैसे नीतीश कुमार का कद इस चुनाव में छोटा हुआ और ये भी कि क्या कांग्रेस को 70 सीटों पर लड़ने का मौका देना एक गलती थी. लेकिन, इसके तुरंत बाद ही हमारे मन में ये जानने की खुजली मचेगी कि आईपीएल के फायनल में क्या हुआ?
अमेरिका की विदेश नीति तात्कालिक खींचतान से नहीं बल्कि उसके अपने राष्ट्रहितों से तय होती है. राष्ट्रपति के रूप में बाइडेन पूरी दुनिया और भारत को भी केवल इसी चश्मे से देखेंगे.
भारतीय जनता पार्टी बेहद जल्दबाज़ी में दिखती है. वह तेज विस्तार अभियान पर अग्रसर है, और इस प्रक्रिया में, दोस्त हो या दुश्मन, उसे किसी की परवाह नहीं है.
अर्णब गोस्वामी गिरफ्तार कर लिये गए, इसलिए नहीं कि उन्होंने पत्रकारिता का यह मूलभूत नियम तोड़ दिया कि खुद को कभी भी खबर मत बनाओ बल्कि इसलिए कि उन्होंने किसी को खुदकशी के लिए मजबूर किया था.
किसी राज्य में विधानसभा सीटों के लिए होने वाले उपचुनाव के नतीजे उसी राज्य की राजनीति के लिए ही महत्व रखते है, मगर मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों के उपचुनाव के नतीजे अपवाद और दूरगामी होंगे.
आज निरंतर बदलती विश्व व्यवस्था भारत के लिए एक मौका उपलब्ध करा रही है जिसका लाभ उठाने के लिए उसे खुद को अनुशासित रखना होगा ताकि पाकिस्तान जब अपने लिए मौका देख रहा है तब हम हड़बड़ी में कोई प्रतिक्रिया न कर बैठें.