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Saturday, 11 April, 2026
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मत-विमत

योगी बनाम मोदी की शुरुआत हो चुकी है और यह 2024 से पहले दिलचस्प हो जाएगा

सीडीएस जनरल बिपिन रावत नौसेना दिवस समारोह को छोड़कर योगी आदित्यनाथ के गोरखनाथ मठ से जुड़ी संस्था के कार्यक्रम में भाग लेने चले गए, अमित शाह राम मंदिर भूमि पूजन में शामिल नहीं हुए... ये घटनाएं बहुत कुछ कहती हैं.

क्या वजह है कि योगी आदित्यनाथ भाजपा के बाकी मुख्यमंत्रियों के लिए रोल मॉडल बन गए हैं

यूपी में भाजपा को अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर ले जाने का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को जाता है. लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने आप में एक जननायक बन गए हैं, और अपनी 'मोदी नंबर 2' की छवि गढ़ने में जुटे हुए हैं.

भारत को काम करने वाला सामाजिक लोकतंत्र बनाने के लिए राज्य पूंजीवाद को खत्म करना होगा

अगर भारत को एक गतिशील सामाजिक लोकतंत्र बनना है, तो उसे अनुशासित टैक्स व्यवस्था तैयार करके कॉर्पोरेट की ताकत पर लगाम लगाते हुए सरकारी पूंजीवाद की राह पकड़ने से बचना होगा.

जरूरत से ज्यादा लोकतंत्र होने का भ्रम: बिना राजनीतिक आज़ादी के कोई आर्थिक आज़ादी टिक नहीं सकती

वैसे, एक महत्वपूर्ण सवाल जरूर उभरता है— लोकतंत्र आर्थिक वृद्धि के लिए अच्छा है या बुरा? कितना लोकतंत्र अच्छा है और कब यह जरूरत से ज्यादा हो जाता है? क्या सीमित लोकतंत्र जैसी भी कोई चीज होती है?

पाकिस्तान के मन में उमड़ा सिखों के लिए प्यार, कश्मीर प्रोजेक्ट की विफलता के बाद संजो रहा खालिस्तान का सपना

पाकिस्तान खालिस्तान चाहता है. उसके लिए ये मायने नहीं रखता कि देश में सिखों से कैसा बर्ताव किया जा रहा है.

CDS बिपिन रावत ने गोरखपुर के छात्रों को अपनी संस्कृति को पुनर्स्थापित करने की नसीहत तो दे दी मगर सेना की परंपरा भूल गए

अगर गोरखनाथ मठ से जुड़ी संस्थाओं को भारतीय सेना ने अपने लिए निषिद्ध संस्थाओं की सूची में नहीं शामिल किया है, तो उसे दारुल उलूम देवबंद से जुड़ी संस्थाओं को भी इस सूची में शामिल नहीं करना चाहिए.

आयुर्वेद छात्रों को सर्जरी के प्रशिक्षण पर आपत्ति व्यावसायिक हितों के टकराव का नतीजा है

आयुर्वेद को जुगाड़ और चलताऊ इलाज बताकर खारिज करना हेल्थकेयर सिस्टम की किसी प्राचीन स्वदेशी प्रणाली के खिलाफ एक सबसे घातक दुष्प्रचार अभियान है.

मोदी सरकार ने किसानों को अनचाही सौगात दी, अब वो इसकी नामंजूरी संभाल नहीं पा रही

किसान पहले से कहते आये हैं कि हम बस इन तीन कृषि-कानूनों की वापसी चाहते हैं और वे अपनी इस बात पर अडिग हैं लेकिन दोष मढ़ा जा रहा है कि किसान बार-बार अपनी बात बदल रहे हैं.

सरकार को एहसास हो रहा है कि केन-बेतवा जोड़ना एक गलत कदम है, लेकिन अब पीछे नहीं हटा जा सकता

इस नामंजूरी की जद में पिछले साल सीईसी यानी केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति की सिफारिशें हैं जिसने तमाम सरकारी दवाबों के बाद भी इस परियोजना पर गंभीर प्रश्न खड़े किए.

कर्ज़ से लेकर बेरोज़गारी तक- केवल कृषि ही नहीं बल्कि पंजाब की पूरी अर्थव्यवस्था में सुधार की ज़रूरत है

भारत का खाद्य भंडार पंजाब दशकों तक देश का सबसे धनी राज्य था और फिर वह कई अन्य राज्यों से पीछे छूटने लगा.

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दुनिया तेजी से बदल रही है—भारत को खुद को सुधारना, मजबूत करना और आर्थिक ताकत बढ़ानी चाहिए

आज निरंतर बदलती विश्व व्यवस्था भारत के लिए एक मौका उपलब्ध करा रही है जिसका लाभ उठाने के लिए उसे खुद को अनुशासित रखना होगा ताकि पाकिस्तान जब अपने लिए मौका देख रहा है तब हम हड़बड़ी में कोई प्रतिक्रिया न कर बैठें.

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राजनीति

देश

उत्तरी बंगाल के सिलीगुड़ी में प्रधानमंत्री मोदी का बड़ी संख्या में लोगों ने स्वागत किया

सिलीगुड़ी (प.बंगाल), 11 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल में कई चुनावी रैलियों को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को बागडोगरा हवाई अड्डे...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.