हर राज्य में चुनाव प्रचार करने के लिए भाजपा को एक युवा योगी आदित्यनाथ की जिस बेसब्री से तलाश है उससे तो यही लगता है कि सिर्फ नरेंद्र मोदी और अमित शाह के भरोसे चल रही इस पार्टी का भविष्य अनिश्चित ही है.
जयप्रकाश नारायण के नक्शेकदम पर चलने वालों ने आंदोलनों का नेतृत्व करना सीखा लेकिन आकांक्षी वर्ग पर प्रतिक्रिया देना मुश्किल भरा है. वे बिजली-पानी-सड़क से आगे नहीं बढ़ पाए हैं.
भारत के नीति निर्माताओं को इनोवेशन पर बड़ी-बड़ी बातें करना तथा एआई, मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना अच्छा लगता है. लेकिन इनोवेशन में जुटे लोगों को बिल्कुल अलग वास्तविकता का सामना करना पड़ता है.
पैगंबर मोहम्मद पर बनाया गया अपमानजनक कार्टून फ्रांस में सभी सरकारी इमारतों पर लगाया गया. यह अगर पूरे मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना नहीं है तो और क्या है?
राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार 2019 में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य पद्रेश और हरियाणा में सबसे ज्यादा सामूहिक बलात्कार के अपराध हुये.
घोर वित्तीय संकट में घिरी सरकार आर्थिक तेजी आने पर जोखिम उठाने का फैसला कर सकती है. धीमी रिकवरी की कीमत पर ज्यादा राजस्व आ सकता है लेकिन यह पहले से ही ऊंची मुद्रस्फीति को और बढ़ा सकता है.
दुनियाभर के करोड़ों मुसलमानों को अगर यह लगता है कि उन्हें व्यापक ‘इस्लामोफोबिया’ का निशाना बनाया जा रहा है. उनके परम पूज्य पैगंबर मोहम्मद साहब का जानबूझकर अपमान किया जा रहा है, तो यह निश्चित ही उनमें अविश्वास और अलगाव की दहशत पैदा करता है.
प्रस्तावित कानून की मुख्य विशेषता है मीडियाकर्मियों के संरक्षण के लिए समिति का गठन, जिसका अध्यक्ष हाईकोर्ट का पूर्व जज होगा, जबकि तीन पत्रकार और एक पुलिस अधिकारी उसके सदस्य होंगे.
प्रवासी भारतीय सम्मेलन से लेकर कुंभ मेलों तक, भारत ने दिखाया है कि वह जटिल आयोजनों का प्रबंधन कर सकता है. इस क्षमता को बाद में उसके G20 शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक मंच पर भी मजबूती मिली.