Wednesday, 25 May, 2022
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क्या भारत को फिर नसीब होगा एक उदारवादी जन-जन का नेता?

आज कांग्रेस वैसी ही लग रही है जैसी वह 1915 में थी। 1915 में गांधी द्वारा कांग्रेस बनाई और बदली गयी थी

मोदी नहीं तो कौन? जानिए इस सवाल पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं मोदी के आलोचक

2019 में अगर मोदी नहीं तो फिर कौन? अधिकांश सामाजिक बैठकों का यह एक ऐसा अहम सवाल है जिसके कई जवाब हैं।

मुल्क़ मूवी में मुसलमानों को आतंकी न दिखाकर बॉलीवुड ने दिखाई दिलेरी

अनुभव सिन्हा की फिल्म मुल्क सन्नी देओल कृत फिल्मों, जिनमें मुस्लिमों को अक्सर आतंकवादियों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, पर कड़ा प्रहार करती है

आईएमएफ की रिपोर्ट पढ़ कर मोदी सरकार को अब खिल उठना चाहिए

नोटबंदी और कृषि उत्पादों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की वजह से वित्त का महत्व बढ़ जाता है, 7.75 प्रतिशत की विकास दर पाने की सोच कई बार कुछ ज्यादा ही हो जाती है

अमिताभ बच्चन का स्टारडम भारतियों को शौचालय पहुँचाने के लिए पर्याप्त नहीं

कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को इच्छुक शौचालय उपयोगकर्ताओं में बदलने का होना चाहिए, न कि यह कि अमिताभ बच्चन उन्हें खुले में शौच के लिए शर्मिंदा कर सकें

क्या अमित शाह होंगे 2024 में भाजपा से प्रधानमंत्री उम्मीदवार ?

पार्टी अध्यक्ष पहले से ही राज्य सभा के माध्यम से स्वयं को सरकार की आवाज बना रहे हैं

भाजपा के बढ़ते हिंदुत्व से भारतीय मिडल क्लास ने फेरी नज़रें

उदारवादियों के लिए इस मध्यम वर्ग में राजनीतिक स्थान की तलाश करना बेकार है – उनके लिए गाँधी और नेहरू एक खोई हुई दुनिया के सिर्फ नाम हैं

भाजपा को हराने के लिए राहुल गाँधी आरएसएस से सीखें कुछ गुर

राहुल गांधी की राजनीति में उनकी ही मां सोनिया गांधी की तुलना में अधिक पारंपरिक और कल्पनाशीलता से हीन साबित हुई है।

पाकिस्तान का भविष्य अब प्रधानमंत्री इमरान खान की भारत पॉलिसी पर निर्भर

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए इमरान खान और असद उमर कर सकते हैं नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह जैसे दिलचस्प कार्य

मोदी-शाह असम में उन लपटों से खेल रहे हैं जो हिंदू-मुसलमान में फर्क नहीं करती

भाजपा के लिए 2019 में असम एक मुख्य मुद्दा बनकर उभरने वाला है। लेकिन यह ज़हरीली आग हिंदुओं को भी नहीं बख़्शेगी

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‘स्वच्छ चुनाव मुहिम’ को तेज करेगा नगालैंड का गिरजाघर निकाय

कोहिमा, 25 मई (भाषा) नगालैंड विधानसभा चुनाव में बमुश्किल 10 महीने बचे हैं, ऐसे में एक न्यास निकाय ‘नगालैंड बैपटिस्ट चर्च काउंसिल’ (एनबीसीसी) ने...

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उपभोक्ता अब कार का नया मॉडल चाहते हैं और क्वाड रूम में ‘विशाल हाथी’

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए पूरे दिन के सबसे अच्छे कार्टून.