प्रणब मुखर्जी के संस्मरणों की अंतिम किताब में असली राजनीतिक मसलों से किनारा किया गया है, विस्तार से बताने से बचा गया है, किताब बहुत कुछ बताने की जगह बहुत कुछ छिपा लेती है इसलिए बहुत निराश करती है
भारतीय सेना में मानवाधिकार प्रकोष्ठ की स्थापना मात्र से निगरानी और नियंत्रण व्यवस्था के संस्थागत पतन की स्थिति ठीक नहीं हो जाएगी, जो कि अनुशासनहीनता और मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन का कारण है.
राजनीतिक रणनीति और उत्तरदायित्व की गहरी समझ नेहरू द्वारा गठित ‘आईएफएएस’ सेवा के अधिकारियों की मूल विशेषता थी और इसी क्षमता तथा विशिष्ट प्रशिक्षण के बूते केसीजे ने आईएफएस तथा आईएएस सेवाओं के जरिए सीमावर्ती क्षेत्रों को देश से जोड़ने के काम किए.
2021 में पाकिस्तान के पास अपना सिर ऊंचा रखने और विरोधियों को कमतर आंकने का शायद ही कोई आधार होगा. यह हर किसी को मालूम है, जरूरत सिर्फ इस बात की है कि कोई यह बात जनरलों से भी कह डाले.
यह साफ है कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल की रणनीति तय नहीं की है कि वह मुख्यमंत्री के चेहरे के साथ मैदान में उतरेंगे या फिर उत्तर प्रदेश के चुनाव में जैसा किया था वैसा कदम उठाएंगे.
मोदी सरकार को ऐसे बेतुके मानदंड तय कर टीकों और दवाओं के क्षेत्र में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त की स्थिति को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए, जिन पर कि अन्य देश भरोसा नहीं कर पाएं.
अखिलेश का बयान भाजपा को कितना ज्यादा खुश करेगा इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता. सपा नेता ने कोविड वैक्सीन पर भगवा रंग चढ़ा दिया है जिससे भाजपा नेताओं की खुशी छिपाए नहीं छिपेगी.
रणनीतिक तौर पर, बिना शर्ट वाला यह प्रदर्शन आत्मघाती गोल से भी बुरा था. अचानक, AI समिट की सारी गड़बड़ियां भूला दी गईं और यूथ कांग्रेस का विरोध ही मुद्दा बन गया.