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Sunday, 15 March, 2026
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भारतीय राजनीति में कांग्रेस एक नई ‘वोट कटुआ’ पार्टी है

कांग्रेस अब अंदरूनी तौर पर बहुत से गुटों में बट गई है और गांधी परिवार के खिलाफ काफी नाराज़गी है. और अब अलग-अलग सूबों में उनकी चुनावी रणनीति का कोई सिर-पैर नहीं है.

हरियाणा का कानून दक्षता बढ़ाएगा, प्रवासी श्रमिकों पर निर्भरता करेगा कम: दुष्यंत चौटाला

हरियाणा कारोबार में आसानी के लिहाज से सबसे अच्छे राज्यों में से एक है. लेकिन क्या फायदा होगा यदि हम राज्य के युवाओं को ही रोजगार न दे पाएं. परस्पर संतुलन होना चाहिए.

भाजपा की असफल राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति ही है जिसके कारण चीन-पाकिस्तान शांति वार्ता के लिए तैयार हैं

भारत, चीन, पाकिस्तान, तीनों समझते हैं कि नक्शे दोबारा नहीं बनाए जा सकते और ताकत के सीधे इस्तेमाल की या छद्म युद्ध की अपनी सीमाएं हैं और उनके फायदे आगे घटते ही जाते हैं.

नरेंद्र मोदी का भारत ‘आंशिक तौर पर स्वतंत्र’ क्यो हैं और किस दिशा में देश जा रहा है

मोदी सरकार प्रभावशाली तथा गतिविधियों के मामले में अब तक स्वायत्त रहे केंद्रों पर जिस तरह ज्यादा से ज्यादा नियंत्रण कायम करने की ख़्वाहिश रखती है उससे जाहिर है कि देश किस दिशा में जा रहा है.

मोदी सरकार को रोकना नामुमकिन, कांग्रेस की नैया डूब रही है और राहुल अपने डोले दिखा रहे

हम संस्थाओं को कमजोर किए जाने, एजेंसियों के दुरुपयोग, भेदभावपूर्ण क़ानूनों, देशद्रोह की धारा के इस्तेमाल, विधेयकों को जबरन पारित करवाने आदि की शिकायतें भले करें लेकिन ऐसे सभी प्रमुख मसलों पर निष्क्रियता का सारा दोष कांग्रेस के मत्थे जाता है.

चीन को क्लीनचिट देने की जल्दबाजी न करें, मुंबई पॉवर ग्रिड का फेल होना भारत के लिए कड़ी चेतावनी

मुंबई में पावर ग्रिड फेल होने के बाद तेलंगाना की घटना एक तरह से यह चेतावनी है कि भारत खतरे को हल्के में नहीं ले सकता है.

इमरान खान दुखी हैं, विश्वास मत चाहते हैं लेकिन विपक्ष को उन्हें सत्ता से हटा पाने की उम्मीद

चुनावी हार के बाद एकदम एक्शन में आई पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने ऐलान किया है कि प्रधानमंत्री संसद में विश्वासमत हासिल करेंगे, विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने इसे ‘पाकिस्तान में लोकतंत्र के लिए दुखद दिन’ करार दिया है.

किसान आंदोलन अराजनैतिक नहीं हो सकता और होना भी नहीं चाहिए, यह लोकतांत्रिक नहीं है

चंपारण से लेकर तेभागा तक किसानों का आंदोलन राजनैतिक रहा है. लेकिन 1980-90 में यह बदल गया जब अराजनैतिक आंदोलन की मांग उठने लगी.

हार्वर्ड के मंच पर हेमंत सोरेन की विभाजनकारी आदिवासी राजनीति बिरसा मुंडा के दर्शन के विपरीत है

झारखंड के मुख्यमंत्री सोरेन या तो नए ज़माने के मिशनरियों के हाथों में खेल रहे हैं या संभवतः धर्मांतरण लॉबी के इशारे पर काम कर रहे हैं.

शी के मीडिया प्रचार से भ्रमित न हों, चीन की ‘ज़ीरो गरीबी’ जो दिखा रही उससे ज्यादा छिपा रही है

चीन दुनिया को यक़ीन दिलाना चाहता है, कि उसके ‘राज्य के नेतृत्व में विकास’ ने ग़रीबी को ख़त्म कर दिया है. लेकिन, जैसा कि हर चीनी चीज़ के साथ होता है, सच्चाई उससे कहीं ज़्यादा जटिल है, जितनी लगती है.

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जब धार्मिक पहचान और आरक्षण टकराते हैं—अदालतें क्या कह रही हैं?

क्या किसी ने सच में यह जांचा कि चर्च जाने के बावजूद उन्होंने हिंदू रीति-रिवाज़ बनाए रखे थे या नहीं? यह पता नहीं है, क्योंकि इसके लिए किसी व्यक्ति की निजी ज़िंदगी में और गहरी जांच करनी पड़ती, और कोई भी राज्य इतने लोगों की निजी ज़िंदगी में इतना अंदर तक नहीं जा सकता.

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श्रीलंका में ईंधन संकट से निपटने क्यूआर कोड से वितरण शुरू, कोटा लागू

कोलंबो, 15 मार्च (भाषा) श्रीलंका ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण संभावित ईंधन संकट को देखते हुए क्यूआर कोड के माध्यम से...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.