केन और बेतवा दोनों ही नदियां मध्य प्रदेश से निकलती हैं. केन जबलपुर के पास से निकलकर पन्ना राष्ट्रीय उद्यान के बीच से बहती हुई बांदा के पास यमुना में मिल जाती है और बेतवा होशंगाबाद के पास से निकलती है.
अलास्का वार्ता में चीनी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के खिलाफ जबानी जंग जीतने में किस तरह कामयाब रहा यह वह अपने लोगों के बीच जताने में सफल रहा लेकिन नये अमेरिकी शासन के साथ संबंध को नया स्वरूप देने की जगह चीन ने बाइडेन को ट्रंप वाली चीन नीति जारी रखने का एक और बहाना थमा दिया.
अधिकारों की लड़ाई, वाणिज्यिक राजधानी में जरूरत से ज्यादा आबादी की समस्या, दक्षिण के लोकप्रिय महानगरों की भाषाई बाध्यताओं से दूर हैदराबाद निश्चित रूप से काम करने और रहने के लिहाज से एक आरामदेह स्थल है.
डिजिटाइजेशन के महान सपने ने मनहूस स्वरूप धारण कर लिया है, जिसे अलग रंग देने की जरूरत है. वैसे, एक सकारात्मक पहलू भी है. टेक्नोलॉजी शक्तिहीन बनाती है तो समर्थ भी बनाती है.
1947 से 1963 तक जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 लगाने तथा नेहरू व शेख अब्दुल्ला की कश्मीर नीतियों को लेकर जो भी आंदोलन चला उसकी कमान प्रजा परिषद पार्टी के हाथ में थी. इस पार्टी के संस्थापक सदस्यों में प्रेमनाथ डोगरा भी थे.
मुंबई पुलिस ने अपनी विश्वसनीयता 1990 और 2000 के दशक के दौरान कमाई थी, पहले तो मुंबई धमाकों के बाद जांच प्रक्रिया की तेजी से और बाद में अंडरवर्ल्ड की कमर तोड़कर.
अगर भारत को लगता है कि उसे दो सरहदों पर मोर्चा संभालना पड़ रहा है, तो पाकिस्तान के लिए चुनौतियां कहीं और गंभीर हैं, वह भारत से दुश्मनी जारी रख सकता है और चीन के उपनिवेश वाली हैसियत में बना रह सकता है.
अनामिका को दिए गए अवार्ड को लेकर शोर-शराबा मचा उसने एक बार फिर इस बात को साबित किया कि, महिलाओं की जो लड़ाई वृहत्तर समाज से है, वो घूमफिर कर उनकी आपसी विवाद में क्यों तब्दील हो जाती है?
हार्वर्ड की इंडिया कॉन्फ्रेंस में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस बयान पर कि आदिवासी कभी हिंदू नहीं थे, बीजेपी और आरएसएस के परेशान होने के पीछे एक कारण है.
भारत और पाकिस्तान के लिए जासूसी करने में जी-जान लगा देने वाले कबूतरों और बंदरों को चीन निर्मित गुब्बारों से चुनौती मिल गई है. दोहरे मोर्चे वाली जंग के लिए ये कैसा रहेगा?
रणनीतिक तौर पर, बिना शर्ट वाला यह प्रदर्शन आत्मघाती गोल से भी बुरा था. अचानक, AI समिट की सारी गड़बड़ियां भूला दी गईं और यूथ कांग्रेस का विरोध ही मुद्दा बन गया.