आज हमारा देश दुनिया का सबसे युवा देश है. लेकिन ‘गुमी हुई आजादी’ को फिर से हासिल करने के लिए बलिदानों की घड़ी आई तो भी इसने खुद को कुछ कम युवा नहीं पाया था.
इस बार अमेरिका ने अफगानिस्तान में न केवल युद्ध लड़ा बल्कि उसके नवनिर्माण में जज़्बात के साथ काफी वक़्त और धन भी दिया. लेकिन अंत में उसे एशिया का सीरिया बनने के लिए छोड़कर चल दिया.
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक 8 वर्षीय हिंदू लड़का गलती से एक मदरसे में दाखिल हो गया था और उसने कथित तौर पर वहां डर के मारे पेशाब कर दिया. उस पर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया है.
नागरिकता संशोधन कानून, 2019 के तहत सरकार ने अभी तक किसी भी अल्पसंख्यक शरणार्थी को भारत की नागरिकता प्रदान नहीं की है क्योंकि इसके लिये जरूरी नियमों को अभी तक अधिसूचित नहीं किया जा सका है.
जरूरत अलग अलग इलाको में लोकप्रिय विभिन्न खेलों पर ध्यान देने की है, चाहे ये खेल ओलम्पिक में शामिल हों या नहीं या फिर इन खेलों में पदक मिलने की सम्भावना हो या नहीं.
हालात का तकाजा है कि सुरक्षा परिषद बातचीत से राजनीतिक समझौता कराने का रास्ता छोड़कर तालिबान से एक आतंकवादी गुट के तौर पर निबटने के लिए यूएन चार्टर के अध्याय 7 का इस्तेमाल करे, वरना उसके हाथ बेकसूर अफगान नागरिकों के खून से रंगे रहेंगे.
2016 के रियो ओलंपिक में देश के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद मोदी सरकार ने 2024 के ओलंपिक में पचास पदक जीतने का लक्ष्य रखा था, लेकिन तीन साल पहले 2021 में हम उसके पांचवें हिस्से के आस-पास भी नहीं फटक पाये हैं.
अगर राहुल गांधी इतने ही बेकार हैं कि वे इस सरकार के लिए एक 'एसेट' और विपक्ष के लिए एक 'लायबिलिटी' की तरह काम करते हैं, तो फिर सरकार उन्हें ख़बरों में बनाए रखने के लिए इतनी ज़ोर-शोर से कोशिश क्यों कर रही है?